सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला प्रशासन और सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय की संयुक्त पहल; आदिवासी क्षेत्रों में फेलो ने किया विकास कार्यों और योजनाओं का क्षेत्रीय अध्ययन
पालघर, 2 अक्टूबर 2026: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, पालघर और सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय, पालघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आदि कर्मयोगी फेलोशिप का सफल समापन हुआ। इस पहल में शामिल अर्थशास्त्र विषय के 12 विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में आयोजित समापन कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी पी. के. सिद्धार्थ रामकुमार, परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पी. वी. अमल, सहायक परियोजना अधिकारी दीपक टिके, नियोजन अधिकारी सतीश रास्ते सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जनवरी 2026 में शुरू हुई थी फेलोशिप
जनवरी 2026 में शुरू हुई इस फेलोशिप के तहत जव्हार, विक्रमगढ़, डहाणू और तलासरी इन आदिवासी एवं आकांक्षी तालुकों में प्रत्येक तीन फेलो नियुक्त किए गए थे।
तालुका प्रशासन के साथ करीब से काम करते हुए फेलो को शासन और क्षेत्रीय स्तर पर चल रहे विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। शुरुआत में तालुका स्तर पर आयोजित परिचय कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने स्थानीय प्रशासन और ग्राम स्तर की संस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
इसके बाद फेलो ने 12 गांवों की 12 जिला परिषद स्कूलों को शामिल करते हुए प्राथमिक शिक्षा के रणनीतिक पुनर्गठन पर अध्ययन किया।
मातृ मृत्यु के कारणों का भी किया अध्ययन
फेलो ने स्वास्थ्य अधिकारियों और अग्रिम पंक्ति में कार्यरत कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर मातृ मृत्यु के कारणों और उससे जुड़े कारकों का भी अध्ययन किया।
फेलोशिप के अंतिम चरण में उन्होंने 66 ग्राम पंचायतों में 1,375 लाभार्थियों से संवाद किया और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत अभियान तथा जल जीवन मिशन का सामाजिक लेखा परीक्षण यानी सोशल ऑडिट किया।
फेलो द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर जुटाए गए साक्ष्य और समाज के दृष्टिकोण विभागीय समीक्षा तथा आदिवासी क्षेत्रों में भविष्य की योजना बनाने के लिए उपयोगी साबित होंगे।
फेलोशिप को नियमित रूप से जारी रखने पर विचार
इस अवसर पर बोलते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने कहा कि यह फेलोशिप “केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष अनुभव, प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी, सामाजिक प्रतिबद्धता, जिम्मेदारी की भावना और नेतृत्व क्षमता प्रदान करने वाला एक सार्थक उपक्रम है।”
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस फेलोशिप को नियमित उपक्रम के रूप में आगे भी जारी रखने पर विचार कर रहा है।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री फेलो एवं समन्वयक इंद्रायणी आपटे के महत्वपूर्ण सहयोग की सराहना की गई। साथ ही अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं महाविद्यालयीन समन्वयक प्रो. संतोष शिरसाट और उनकी टीम के प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण




