पालघर

पालघर में नशामुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर 3.5 लाख लोगों ने ली नशा विरोधी शपथ, जिलाधिकारी ने दिया ‘जीवनाला हो’ का नारा |

पालघर, 18 अगस्त 2026: पालघर जिले में युवा पीढ़ी को नशे के बढ़ते प्रकोप से बचाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान के तहत एक नया इतिहास रचा गया है। नशामुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ के अवसर पर जिले के लगभग 3 लाख 50 हजार से अधिक छात्रों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने एक साथ नशा विरोधी शपथ ली। पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने युवाओं से नशे को पूरी तरह नकार कर एक स्वस्थ और जिम्मेदार जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।

सोनोपंत दांडेकर कॉलेज में मुख्य शपथ ग्रहण समारोह

अभियान के तहत पालघर स्थित सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की उपस्थिति में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने व्यसनों से दूर रहने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग, जिलाधिकारी कार्यालय पालघर, जिला परिषद समाज कल्याण विभाग और महाराष्ट्र राज्य नशाबंदी मंडल के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया।

“नशीले पदार्थों को ना, जीवन को हाँ कहें” — जिलाधिकारी

समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि नशीले पदार्थों के घातक दुष्परिणामों के प्रति युवाओं में निरंतर जागरूकता फैलाना समय की मांग है। उन्होंने कहा, “नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ पारिवारिक ताने-बाने और सामाजिक प्रगति को भी भारी नुकसान पहुँचाता है।” उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज को नशे के दलदल से बाहर निकालने में युवा वर्ग की सकारात्मक भूमिका सबसे निर्णायक होगी।

सामूहिक प्रयास से ही थमेगा नशे का जाल

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत पालघर के स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, महिला स्वयं सहायता समूहों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हर स्तर पर शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस अवसर पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किया कि नशे की समस्या पर लगाम लगाने के लिए केवल प्रशासनिक तंत्र पर निर्भर रहने के बजाय प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों और युवाओं को एक जुट होकर काम करना होगा।

प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र पाटिल, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सामान्य प्रशासन) एजाज अहमद शेख, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रकाश हसनालकर, सहायक आयुक्त समाज कल्याण पांडुरंग वाबले, सोनोपंत दांडेकर शिक्षण मंडल के अध्यक्ष दिलीप कोरे, प्राचार्य डॉ. किरण सावे, और नशाबंदी मंडल के जिला समन्वयक मिलिंद पाटिल सहित कई अधिकारी व नागरिक उपस्थित रहे।

Sanjay Jaiswal

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