पालघर जिला परिषद CEO मनोज रानडे ने खुद किया श्रमदान, वनराई बांध बनाकर दिया जल संरक्षण का संदेश |

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वाडा के खडकोना गांव में मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज 2.0 अभियान के तहत पहल; बारिश का पानी बचाने और किसानों के लिए जल उपलब्धता बेहतर करने का प्रयास

पालघर | तृप्ति प्रमाण

जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी संदेश के साथ पालघर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज रानडे ने वाडा तालुका के खडकोना गांव में वनराई बांध के निर्माण के दौरान खुद श्रमदान किया। मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज 2.0 अभियान के तहत की गई इस पहल का उद्देश्य बारिश के पानी को रोकना, भूजल स्तर में सुधार की दिशा में प्रयास करना और खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद करना है।

खुद श्रमदान करने मैदान में उतरे CEO मनोज रानडे

खडकोना गांव में आयोजित जल संरक्षण अभियान में CEO मनोज रानडे स्वयं श्रमदान में शामिल हुए। उनके साथ जिला परिषद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी वनराई बांध के निर्माण में योगदान दिया।

इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण के प्रयास तब अधिक प्रभावी हो सकते हैं, जब प्रशासन और ग्रामीण मिलकर काम करें। जनभागीदारी के जरिए गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

वनराई बांध से बारिश का पानी बचाने की पहल

वनराई बांध के निर्माण का उद्देश्य बारिश के दौरान बहकर जाने वाले पानी को रोकना और उसे जमीन में समाने में मदद करना है। इससे भूजल स्तर में सुधार, कुओं में पानी बनाए रखने और खेती के लिए जल उपलब्धता बेहतर करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी का असर किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों पर पड़ता है। ऐसे में बारिश के पानी का उचित प्रबंधन और जलस्रोतों का संरक्षण भविष्य में पानी की समस्या कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।

इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने किया श्रमदान

इस अभियान में मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी सचिन कवठे, महिला एवं बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी व्यंकटराव हुंडेकर, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सोनाली मातेकर, लघु सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता दिलीप पाडवी, कृषि विकास अधिकारी सोमनाथ पिंजारी, पालघर पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी संजय भोये, मनरेगा के खंड विकास अधिकारी राजेश पाटील, समग्र शिक्षा के कार्यकारी अभियंता सतेश शिंदे और विस्तार अधिकारी राजू कोली ने श्रमदान किया।

इनके साथ ग्रामसेवक, ग्राम पंचायत सदस्य, आशा सेविकाओं और ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने भी इस पहल में भाग लिया।

मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज 2.0 अभियान के तहत जल संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज 2.0 अभियान के तहत गांवों में जनभागीदारी से विकास कार्यों को बढ़ावा देने के साथ जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के उचित उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

खडकोना गांव में वनराई बांध का निर्माण इसी दिशा में एक पहल है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर के प्रतिनिधियों ने मिलकर जल संरक्षण के महत्व को सामने रखा।

पानी बचेगा, तभी खेती और जीवन सुरक्षित रहेगा

ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में श्रमदान के माध्यम से जलस्रोतों को संरक्षित करने की पहल लोगों को सामूहिक भागीदारी के लिए प्रेरित करती है। CEO मनोज रानडे की श्रमदान में भागीदारी ने अभियान में प्रशासन की सक्रिय भूमिका को सामने रखा।

बारिश के पानी को बचाने, जलस्रोतों का संवर्धन करने और पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करने के प्रयास गांव-गांव तक पहुंचाना जरूरी है। जनभागीदारी से ऐसे प्रयास आगे बढ़ते हैं, तो सूखे की चुनौती का सामना करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने में मदद मिल सकती है।

तृप्ति प्रमाण न्यूज़ पोर्टल के लिए।

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