पालघर:
“एक खिलाड़ी को जीवन में आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने के लिए कई तरह के समझौतों और कड़े संघर्षों से गुजरना पड़ता है। यही त्याग और समर्पण आगे चलकर उसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फलक पर कामयाबी दिलाता है। इसलिए पालघर के युवा एथलीटों को बिना किसी चिंता के केवल अपने खेल और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।” यह प्रेरक विचार पालघर की जिलाधिकारी और जिला क्रीडा परिषद की अध्यक्षा डॉ. इंदूराणी जाखड ने व्यक्त किए। वे जिला परिषद के सभागार में आयोजित जिले के खेल शिक्षकों (Sports Teachers) की एक विशेष कार्यशाला व बैठक को संबोधित कर रही थीं।
69 हजार छात्रों की भागीदारी जिले के लिए गौरव की बात
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष पालघर जिले के लगभग 69 हजार विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जो पूरे जिले के लिए बेहद गौरव का विषय है। उन्होंने खेल शिक्षकों को निर्देश दिए कि जिले के सरकारी स्कूलों, आश्रम शालाओं और निजी विद्यालयों के बच्चों में खेल के प्रति समान उत्साह और भागीदारी दिखनी चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिले का मुख्य खेल परिसर (क्रीडा संकुल) बहुत जल्द पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, उन्होंने सभी खेल प्रतियोगिताओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने के कड़े निर्देश दिए।
क्रीडा शिक्षकों की मेहनत से पालघर ने हासिल किया बड़ा मुकाम: सांसद हेमंत सवरा
कार्यशाला में मौजूद क्षेत्रीय सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने खेल शिक्षकों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज खेल जगत में पालघर जिला जो नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, उसका पूरा श्रेय जमीनी स्तर पर मेहनत कर रहे खेल प्रशिक्षकों को जाता है। इस साल राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में पालघर के 983 खिलाड़ियों ने दम दिखाया, जिनमें से 47 जांबाजों ने मेडल जीतकर जिले का नाम रोशन किया। इसके अलावा, वैश्विक योग प्रतियोगिता में भी पालघर के खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल हासिल किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि जिला खेल के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस साल 1500 स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्य
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज रानडे ने बैठक में आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जिले के करीब 700 से 750 स्कूलों ने खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया था। जिला परिषद के अंतर्गत आने वाले कुल 3300 स्कूलों में से इस साल कम से कम 700 से 800 नए स्कूलों को खेल स्पर्धाओं से जोड़ा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस साल खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले स्कूलों का कुल आंकड़ा 1500 के पार पहुंचना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय और राज्य स्तर के पदक विजेताओं का हुआ सम्मान
इस गरिमामयी अवसर पर अंतरराष्ट्रीय योग स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने वाले होनहार खिलाड़ी विधीश राउत के साथ-साथ राज्य स्तर पर पदक तालिका में जगह बनाने वाली तनुशी गडग और भावना मीना को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, सीईओ मनोज रानडे, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अशोक पाटिल, जिला खेल अधिकारी सुहास वनमाने, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गिरीश इरनाक, जेएसडब्ल्यू सीएसआर प्रमुख सुधीर तेलंग, विजयराज और सुहास देशपांडे सहित भारी संख्या में खेल शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन किरण थोरात ने किया।