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खगौल में गूंजे भिखारी ठाकुर के कालजयी गीत: ‘सूत्रधार’ के कलाकारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, जल्द होगा ‘गबरघिचोर’ नाटक का मंचन |

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पटना (तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ – विनोद प्रसाद):

भोजपुरी माटी के महान सपूत, लोक कलाकार और विख्यात नाटककार स्व. भिखारी ठाकुर की 55वीं पुण्यतिथि के मौके पर पटना के खगौल में एक भव्य सांस्कृतिक सभा का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संस्था ‘सूत्रधार’ के तत्वावधान में बड़ी खगौल के देवी स्थान प्रांगण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में ‘परिचर्चा एवं भिखारी के गीतों’ की शानदार प्रस्तुति की गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

साहित्य की प्रासंगिकता पर मंथन: कुरीतियों के खिलाफ हथियार हैं ‘बिदेसिया’ और ‘बेटी-बेचवा’

कार्यक्रम के दौरान आयोजित मुख्य परिचर्चा में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. प्रसिद्ध कुमार समेत बिहार के कई जाने-माने साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और रंगकर्मियों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने भिखारी ठाकुर के साहित्य और उनकी रचनाओं की सामाजिक प्रासंगिकता पर गहराई से प्रकाश डाला। परिचर्चा में यह बात उभरकर आई कि उनकी कालजयी रचनाएं जैसे ‘बिदेसिया’ और ‘बेटी-बेचवा’ आज भी समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और विसंगतियों के खिलाफ एक दमदार और प्रभावी हथियार की तरह काम करती हैं।

सुरमई प्रस्तुतियों से कलाकारों ने बांधा समां

इस भावपूर्ण अवसर पर ‘सूत्रधार’ की संगीत और नाट्य टीम ने भिखारी ठाकुर के अमर गीतों को जीवंत कर दिया। कलाकारों ने अपने सुरों और सधे हुए लयों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को दर्शकों के सामने इस तरह परोसा कि हर कोई भावुक हो उठा। गायकी में अखिलेश सिंह, लवकुश राजा, रेखा सिन्हा, राजीव रंजन त्रिपाठी और भोला सिंह ने अपनी सुरीली आवाज से सबका दिल जीत लिया। वहीं कार्यक्रम की सफलता में मुकेश कुमार, हुस्न फातिमा अभिजीत, कुंदन कुमार, सिंपी सिंह, शशि भूषण शर्मा आदि का योगदान बेहद सराहनीय रहा।

लोक-संस्कृति को सहेजने का संकल्प, जुलाई में सजेगा नाटक का मंचन

इस गरिमामयी परिचर्चा में खगौल नगर परिषद के अध्यक्ष सुजीत कुमार, प्रो. उदय राज, निर्देशक उदय कुमार, अरुण सिंह पिंटू, मिथिलेश पांडे, विनोद शंकर मिश्रा, प्रो. सागरिका राय, दीनानाथ पांडे, राजमणि मिश्र, जय प्रकाश मिश्र, अशोक कुणाल, चंदू प्रिंस, जमुना प्रसाद, आशुतोष श्रीवास्तव, अनिल गुप्ता और राम चंद्र सिंह समेत कला जगत के कई दिग्गजों ने शिरकत की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ‘सूत्रधार’ के महासचिव और प्रख्यात रंगकर्मी नवाब आलम ने संस्था के उद्देश्यों को रेखांकित किया और लोक-संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि आगामी जुलाई महीने के अंत में भिखारी ठाकुर द्वारा रचित बेहद लोकप्रिय और सामाजिक नाटक ‘गबरघिचोर’ का भव्य मंचन किया जाएगा।

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Rajesh