पालघर। पालघर जिले की एक स्थानीय अदालत ने सगे भाई की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, पालघर-1 ने आरोपी राजेश रुपजी डोल्हारे को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास और 10,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
खेती के विवाद में हुआ था विवाद
तलासरी पुलिस थाना क्षेत्र के आमगांव शिवपाड़ा निवासी आरोपी राजेश और मृतक वसंत रुपजी डोल्हारे सगे भाई थे। दोनों के बीच खेती को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। यह मामला अपराध क्रमांक 55/2020 के तहत दर्ज किया गया था।
ताना समझकर की गई थी वारदात
घटना 7 मार्च 2020 की है। मृतक वसंत की बेटी अपने छोटे भाई को चुप करा रही थी। इस पर वसंत ने अपनी बेटी से कहा कि तुम्हारा एक ही भाई है, उसे मत रुलाओ। आरोपी राजेश ने इस बात को अपने लिए ताना समझ लिया। इसके बाद उसने वसंत को घर के बाहर बुलाया और कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन और बाएं कान पर वार कर हत्या कर दी।
11 गवाहों के बयान के आधार पर सुनाई गई सजा
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मजबूत साक्ष्य जुटाए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों के आधार पर 3 जुलाई 2026 को न्यायाधीश ए. आर. रहाणे ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ 10,500 रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
पुलिस और अभियोजन टीम की रही अहम भूमिका
इस मामले में प्रारंभिक जांच तत्कालीन पुलिस उपनिरीक्षक सागर पाटील और आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक उमेश रोठे ने की। आरोपपत्र तत्कालीन प्रभारी पुलिस निरीक्षक अजय वसावे ने दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता रेखा हिवराळे ने पैरवी की, जबकि न्यायालयीन कार्यवाही सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मनोज पाटील ने संभाली।