पालघर

पालघर में कुदरत का कहर, अन्नदाताओं पर गहराया आर्थिक संकट; सीएम से तुरंत मुआवजे की गुहार |

पालघर:

महाराष्ट्र के पालघर जिले में हाल ही में हुई भीषण बारिश ने ग्रामीण अंचलों में भारी तबाही मचाई है। खेतों में लहलहाती फसलें जलमग्न होकर चौपट हो चुकी हैं, जिससे स्थानीय किसान गहरे सदमे में हैं। इस आपदा के बीच ‘परिवर्तन फाउंडेशन’ ने अन्नदाताओं की आवाज़ उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रभावित परिवारों के लिए त्वरित आर्थिक मदद और मुआवज़ा देने की गुहार लगाई है।

मूसलाधार बारिश से हुआ भारी नुकसान

फाउंडेशन के सचिव शिवप्रताप सिंह सोमवंशी ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में बताया कि बीते 6 जुलाई को क्षेत्र में हुई अनवरत मूसलाधार बारिश ने खेती-किसानी को बुरी तरह प्रभावित किया है। पानी के प्रचंड बहाव के कारण खेतों की मिट्टी बह गई, सिंचाई के साधन नष्ट हो गए और कृषि उपकरणों को भी बड़ा नुकसान पहुँचा है। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की रीढ़ तोड़ कर रख दी है।

पंचनामा प्रक्रिया में देरी पर जताई चिंता

सोमवंशी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपदा के इतने दिन बीत जाने के बाद भी कई ग्रामीण इलाकों में जमीनी स्तर पर नुकसान का सरकारी आकलन (पंचनामा) पूरा नहीं हो सका है। प्रशासनिक सुस्ती की वजह से पीड़ित किसान सरकारी इमदाद और राहत योजनाओं से वंचित बने हुए हैं।

प्रशासन को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश देने की मांग

सामाजिक संगठन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे पालघर के जिलाधिकारी, संबंधित तहसीलदारों और कृषि व राजस्व विभाग के प्रशासनिक अमले को तत्काल प्रभाव से मैदान में उतरने के कड़े निर्देश दें। उन्होंने माँग की कि नुकसान का सर्वेक्षण युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए ताकि योग्य किसानों को शासन के नियमानुसार सहायता राशि और फसल बीमा योजना का लाभ बिना किसी अड़चन के जल्द से जल्द मिल सके।

Sanjay Jaiswal

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