सूर्या बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वसन और रोजगार का भरोसा; MPSC विवाद की जांच के लिए समिति गठित करने की तैयारी
पालघर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पालघर के हनुमान नगर ग्राउंड में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सूर्या बांध परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को भूमि अधिकार से संबंधित सातबारा और जमीन के प्रमाणपत्र सौंपना रहा।
50 वर्षों से अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे आदिवासी परिवारों को राहत
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूर्या बांध परियोजना से प्रभावित उन आदिवासी परिवारों को भूमि अधिकार संबंधी दस्तावेज सौंपे, जो लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रभावित परिवारों के उचित पुनर्वसन और रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर मूल निवासियों को भूमिहीन कर देना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विकास के कारण लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो उसे विकास नहीं, बल्कि विनाश कहा जाएगा।
MPSC विवाद पर जांच समिति गठित करने की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जांच के लिए समिति गठित करने को तैयार है।
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने पर जोर
‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के तहत सरकारी सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने और जरूरतमंद लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
पालघर में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए एक ओर सरकारी योजनाओं के लाभ वितरित किए गए, वहीं दूसरी ओर सूर्या बांध परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के भूमि अधिकार और पुनर्वसन का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री की ओर से पुनर्वसन और रोजगार का भरोसा प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण रहा।




