पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशों के तहत बिक्री और रिकॉर्ड रखना भी जरूरी
वसई-विरार: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से निर्मित मूर्तियों की बिक्री को लेकर महाराष्ट्र शासन के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने सभी मूर्तिकारों और मूर्ति विक्रेताओं से की है।
मूर्ति के पीछे लाल गोल निशान जरूरी
महानगरपालिका के अनुसार, शासन के 1 अगस्त 2025 के निर्णय और 1 सितंबर 2026 को जारी शासन निर्णय के तहत POP से बनी मूर्तियों की बिक्री के दौरान मूर्ति के पीछे स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर ऑयल पेंट से लाल रंग का गोल निशान लगाना अनिवार्य है।
इसके अलावा POP मूर्तियों की बिक्री से संबंधित पूरी जानकारी का रजिस्टर में रिकॉर्ड रखना भी जरूरी किया गया है। प्रशासन ने मूर्तिकारों और विक्रेताओं से इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
बैठक में पहले ही दिए जा चुके हैं निर्देश
महानगरपालिका प्रशासन ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के संबंध में मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान सभी मूर्ति निर्माताओं और विक्रेताओं को आवश्यक जानकारी दी जा चुकी है। बैठक में शासन के नियमों और उनकी अनुपालना को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए गए थे।
मनपा ने सहयोग की अपील की
महानगरपालिका ने सभी मूर्तिकारों और विक्रेताओं से अपील की है कि POP से निर्मित मूर्तियों की बिक्री करते समय शासन द्वारा निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करें। मूर्ति के पीछे लाल गोल निशान लगाने के साथ-साथ बिक्री से जुड़ा रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से रजिस्टर में दर्ज करें।
मनपा प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में मूर्तिकारों और विक्रेताओं से आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि शासन के दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।



