बरेली (मीरगंज): संवाददाता लादेन मंसूरी : आगामी पवित्र कांवड़ मेले को सुरक्षित, सुगम और भव्य बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए एसडीएम निधि शुक्ला ने मंगलवार को खुद मोर्चे पर उतरकर कांवड़ यात्रा के निर्धारित रूटों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ थाना प्रभारी निरीक्षक (शीशगढ़) और क्षेत्रीय लेखपाल सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। कड़कती धूप और उमस के बीच जमीन पर उतरकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की एसडीएम की इस पहल की स्थानीय जनता जमकर सराहना कर रही है।
जर्जर सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसडीएम निधि शुक्ला ने विशेष रूप से बहेड़ी और रामपुर मार्ग का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ियों की राह में किसी भी तरह की बाधा या समस्या नहीं आनी चाहिए। मार्ग में जहाँ भी गड्ढे या जर्जर सड़कें पाई गईं, उन्हें तत्काल प्रभाव से ठीक करने के कड़े निर्देश दिए गए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों और सड़क मरम्मत में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर दूरदर्शी कदम, परखे बिजली के तार
संभावित हादसों को रोकने के लिए एसडीएम ने सुरक्षा के हर पहलू पर पैनी नजर रखी। कांवड़ यात्रा के दौरान ऊंचे वाहनों और भव्य कांवड़ों की ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरे रूट पर लटक रहे ढीले विद्युत तारों का कड़ा परीक्षण करवाया। बिजली विभाग को इन तारों को समय रहते दुरुस्त करने और ऊँचा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
पुलिस प्रशासन को पैनी नजर रखने की हिदायत
कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाए रखने के लिए एसडीएम निधि शुक्ला ने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक (शेरगढ़) को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाएं और रूट पर निरंतर भ्रमण करते रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्वों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई करने की बात कही गई है।
जनता ने सराहा प्रशासनिक विजन:
एसडीएम निधि शुक्ला की इस सक्रिय कार्यशैली की स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों ने दिल खोलकर प्रशंसा की है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एक जिम्मेदार अधिकारी की इस सजगता से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए पहले से कहीं अधिक सुगम और शांतिपूर्ण रहेगी।