आगरा, 3 जनवरी 2026
सेंधा नमक को अक्सर व्रतों में इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थ के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसके पोषण और चिकित्सीय गुणों के बारे में कम जानकारी है। नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल के अनुसार, सेंधा नमक शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है, बशर्ते इसका सही मात्रा और तरीके से उपयोग किया जाए।
मुख्य समाचार:
सेंधा नमक, नमक का एक प्राकृतिक और अप्रोसेस्ड रूप माना जाता है। इसमें सोडियम क्लोराइड के साथ-साथ पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, सेलेनियम और कई अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, सेंधा नमक के सेवन से पाचन तंत्र सुधर सकता है, गैस और एसिडिटी से राहत मिल सकती है, और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है। साथ ही, इसका बाहरी उपयोग — जैसे पैरों के स्नान, त्वचा स्क्रब या गले के गरारे — कई छोटी-छोटी समस्याओं के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में काम आ सकता है।
श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे साइनस, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा में सेंधा नमक की भाप (सैलाइन स्टीम) लेने से श्वसन मार्ग साफ होने में मदद मिल सकती है। नाखूनों की चमक बढ़ाने या डैंड्रफ कम करने में भी इसके एक्सफोलिएटिंग गुण कारगर हो सकते हैं।
सावधानियां:
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सेंधा नमक में आयोडीन की मात्रा लगभग नगण्य होती है। अतः आयोडीन की कमी से बचने के लिए आयोडीन युक्त सामान्य नमक का उपयोग भी आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गुर्दे की बीमारी या मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को सेंधा नमक का सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन से पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
निष्कर्ष:
डॉ. मीना अग्रवाल का कहना है कि सेंधा नमक एक प्राकृतिक खनिज उपचार के रूप में उपयोगी है, लेकिन इसे “चमत्कारी इलाज” नहीं मानना चाहिए। संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही इसका उपयोग करना चाहिए।