वसई: मुंबई से सटे वसई इलाके में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खुद को सरकारी अधिकारी (ऑफिसर) बताकर एक स्वीट मार्ट संचालक को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की ठगी की गई है। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद माणिकपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दुकान में कमियां निकाल दी कार्रवाई की धमकी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यापारी रोहित धीरजलाल सुखड़िया (57 वर्ष) वसई पश्चिम में ‘स्वीट मार्ट’ का व्यवसाय चलाते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि बीते 23 जून से 27 जून 2026 के बीच कुछ अज्ञात लोग उनकी दुकान पर धमक पड़े। इन लोगों ने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताया और दुकान के भीतर कथित अनियमितताएं (गलतियाँ) निकालने लगे।
आरोपियों ने व्यापारी को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया और फर्जी विजिटिंग कार्ड भी पेश किए। इतना ही नहीं, जालसाजों ने दुकान के सामान और वीडियो सोशल मीडिया व मीडिया चैनलों में वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।
बदनामी के डर से तीन किश्तों में दिए 6 लाख रुपये
फर्जी अधिकारियों के इस जाल में फंसकर और अपनी सामाजिक साख व व्यापार के नुकसान के डर से पीड़ित व्यापारी उनके दबाव में आ गया। आरोपियों ने कार्रवाई से बचने के एवज में बड़ी रकम की मांग की, जिसके बाद पीड़ित ने तीन अलग-अलग किश्तों में कुल 6 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
विजय जाधव, स्वाति तुलसकर समेत 7 पर एफआईआर दर्ज
पीड़ित की शिकायत के आधार पर माणिकपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विजय बाबन जाधव, स्वाति विक्रांत तुलसकर और तेजस राठौड़ समेत कुल सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी जालसाज कानून की गिरफ्त में होंगे।