वसई। मानसून के दौरान शहर में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका द्वारा चलाया जा रहा नाला सफाई अभियान अंतिम चरण में है। महापालिका प्रशासन ने दावा किया है कि शहर में 95 प्रतिशत नालों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत अब तक शहर के विभिन्न नालों से 80 हजार 614 घनमीटर से अधिक गाद निकाली जा चुकी है।
नाला सफाई अभियान की स्थिति
महापालिका अधिकारियों ने बताया कि वसई-विरार शहर क्षेत्र में कुल 206 नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 191 किलोमीटर है। 15 अप्रैल से शुरू किए गए इस सफाई अभियान के तहत अधिकांश नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। निकाली गई कुल गाद में से 22 हजार 568 घनमीटर गाद का उठाव भी किया जा चुका है। शहर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, अवैध निर्माण और प्राकृतिक नालों के अतिक्रमण के कारण पिछले कुछ वर्षों से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है।
मशीनों के साथ मैन्युअल सफाई का सहारा
नाला सफाई के लिए पोकलेन और जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, कई संकरे और दलदली नालों तक मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं। एमबी एस्टेट, नवघर माणिकपुर और नालासोपारा के कुछ इलाकों में ऐसे हालात सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों को नालों में उतरकर मैन्युअल रूप से सफाई करनी पड़ रही है।
कई क्षेत्रों में नालों में अभी भी जमा है कचरा
महापालिका द्वारा 95 प्रतिशत सफाई का दावा किए जाने के बावजूद, नालासोपारा, वसई पूर्व, सनसिटी और विराटनगर समेत कई क्षेत्रों में नालों के भीतर प्लास्टिक की बोतलें, थैलियां और अन्य कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले इन स्थानों की भी पूरी तरह सफाई की जानी चाहिए, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके।
शेष कार्य बरसात से पहले होगा पूरा
इस संबंध में स्वच्छता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में 95 प्रतिशत सफाई कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष बचे हुए कार्यों को भी बारिश के मौसम शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। जांच और सफाई अभियान जारी है।