वसई-विरार मनपा के अधिकारियों और ठेकेदारों पर उठेंगे सवाल, RTI दस्तावेजों के आधार पर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठेगा |

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23.50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से लेकर सड़क-गटर निर्माण और ठेकेदारों के कामकाज तक कई मामलों पर पत्रकार परिषद में रखी जाएगी जानकारी

विरार | प्रतिनिधि:

वसई-विरार शहर महानगरपालिका में कथित भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितताओं और नागरिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पत्रकार परिषद आयोजित करने की घोषणा की गई है। समाजसेवक प्रवीण जाधव और सुनील शाह की ओर से आयोजित इस पत्रकार परिषद में मनपा के विभिन्न विभागों के कामकाज, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका तथा कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।

23.50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा उठेगा

समाजसेवक प्रवीण जाधव की ओर से 23 करोड़ 50 लाख रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा पत्रकार परिषद में उठाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदीप पचंगे से संबंधित हैंडवॉश प्रोजेक्ट, नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर स्थित भास्कर हॉल परिसर के अंदर और बाहर की सड़कों के निर्माण कार्यों पर भी सवाल उठाए जाएंगे।

इसके अलावा मनवेलपाड़ा चौक स्थित भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा और मनवेलपाड़ा में सड़कों पर कथित रूप से अनधिकृत तरीके से खड़े किए जाने वाले टैंकरों का मुद्दा भी सामने रखा जाएगा।

सड़क और गटर निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं पर सवाल

समाजसेवक सुनील शाह की ओर से मनपा के उपअभियंता सतीश सूर्यवंशी के विरोध में ए से आई प्रभाग तक हुए सड़क और गटर निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया जाएगा।

आयोजकों का कहना है कि इन मामलों से संबंधित सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर जानकारी पत्रकारों के सामने पेश की जाएगी।

ठेकेदारों और अधिकारियों के कामकाज पर भी चर्चा

पत्रकार परिषद में ठेकेदार अमित गांगण के कामकाज, प्रभाग सी के अधिकारी सिद्धार्थ पाटील, नरेन्द्र संखे से संबंधित विभिन्न मुद्दों और इंजीनियर अक्षय ठाकुर से जुड़े मामलों पर भी जानकारी रखे जाने की बात कही गई है।

इसके साथ ही ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों की गुणवत्ता तथा तालाब और मछली पालन से जुड़े मामलों को भी उठाया जाएगा।

दस्तावेजों के आधार पर जानकारी पेश करने का दावा

आयोजकों का दावा है कि पत्रकार परिषद में संबंधित मामलों के दस्तावेज और उपलब्ध जानकारियां पत्रकारों के सामने रखी जाएंगी। अब इस परिषद में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों, उठाए जाने वाले सवालों और महानगरपालिका प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

फिलहाल इन मामलों में लगाए गए आरोपों और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।

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