उपनिबंधक के आदेशों के बावजूद पानी की आपूर्ति बहाल नहीं होने का दावा; पुलिस पर कार्रवाई में टालमटोल का आरोप, दिव्यांग संगठन ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
वसई | तृप्ति प्रमाण
नालासोपारा पूर्व स्थित परिवर्तन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में एक दिव्यांग निवासी का पानी बंद किए जाने का मामला सामने आया है। सोसायटी के दिव्यांग सदनिकाधारक दिगंबर दांडेकर पिछले 15 दिनों से अधिक समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप है कि सहकारी संस्था के उपनिबंधक, वसई की ओर से बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद सोसायटी पदाधिकारियों ने पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की है।
मेंटेनेंस भरने के बावजूद पानी बंद करने का आरोप
सदनिकाधारक दिगंबर दांडेकर का कहना है कि उन्होंने नियमित रखरखाव शुल्क यानी मेंटेनेंस का पूरा भुगतान किया है। इसके बावजूद उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई। दांडेकर के आरोप के मुताबिक, इस मांग को स्वीकार नहीं करने पर उनके घर की पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई।
सोसायटी पदाधिकारी विनोद गोताळ और विक्रम दळवी पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया गया है। यह भी दावा किया गया है कि कुछ अन्य सदनिकाधारकों के साथ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है।
उपनिबंधक के आदेशों की अनदेखी का आरोप
मामले में आरोप है कि सहकारी संस्था के उपनिबंधक, वसई की ओर से पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद सोसायटी पदाधिकारियों ने उनका पालन नहीं किया।
इसके अलावा संबंधित इमारत को खाली कराने के लिए महानगरपालिका की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद सोसायटी का कामकाज जारी रहने का मुद्दा भी उठाया गया है।
दांडेकर की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी लगाया गया है।
परिवार को बाहर से खरीदना पड़ रहा है पानी
बताया गया है कि पानी बंद होने के कारण दिव्यांग दांडेकर, उनकी पत्नी और बच्चों को पीने के पानी से लेकर शौचालय के इस्तेमाल तक के लिए बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है।
प्रहार दिव्यांग संगठन के पालघर जिला अध्यक्ष बाबू वाल्मिकी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
दो दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
बाबू वाल्मिकी ने सहकारी संस्था के उपनिबंधक, पुलिस और महानगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि दांडेकर के घर की पानी की आपूर्ति तत्काल बहाल कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर न्याय नहीं मिला, तो दिव्यांगजनों की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की मांग
जिला दिव्यांग पुनर्वसन केंद्र, पालघर के समन्वयक शमीम खान ने इस मामले के साथ दिव्यांगों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए।
उन्होंने कहा कि एक ओर दिव्यांग व्यक्ति के घर का पानी बंद किए जाने का मामला सामने आया है, वहीं दूसरी ओर नितीन तोडणकर का 26 वर्षों से संचालित स्टॉल बिना पूर्व सूचना बार-बार हटाया जा रहा है।
खान ने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेताओं के स्टॉलों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि दिव्यांग व्यक्तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने महानगरपालिका क्षेत्र के सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दिव्यांग संवेदना जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता जताई।
अब प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
परिवर्तन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के इस मामले में पानी की आपूर्ति बहाल होने और संबंधित शिकायतों पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। सोसायटी पदाधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक विभागों का पक्ष भी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।


