वसई-विरार: वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मनपा के 300 से अधिक स्थायी और ठेका स्वास्थ्य कर्मचारियों (जिनमें ANM, GNM, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ शामिल हैं) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर ऐतिहासिक प्रदर्शन की घोषणा की है। कर्मचारियों ने आगामी 24 जुलाई 2026 से एक अनोखा आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसे “काम बंद नहीं, भूख हड़ताल” (Non-Stop Work With Hunger) का नाम दिया गया है।
समान काम के लिए समान वेतन की मांग, लगाया संविधान के उल्लंघन का आरोप
आंदोलनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से नियमित कर्मचारियों की तरह ही पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित स्टाफ की तुलना में काफी कम वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, प्रशासन का यह रवैया भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 39(डी) का खुला उल्लंघन है। साथ ही, यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “स्टेट ऑफ पंजाब बनाम जगजीत सिंह (2017)” मामले में दिए गए ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के ऐतिहासिक फैसले की अवहेलना भी है।
79 लाख रुपये के पीएफ घोटाले का आरोप और बकाया वेतन की मांग
कर्मचारियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2017 से लेकर अब तक उनकी वेतन वृद्धि और एरियर (बकाया राशि) का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा, एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खाते से कथित तौर पर लगभग 79 लाख रुपये की कटौती की गई, लेकिन यह राशि अभी तक उनके खातों में जमा या वापस नहीं की गई है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रशासन से 4 प्रमुख मांगें:
कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को वापस लेने के लिए मनपा प्रशासन के सामने चार मुख्य शर्तें रखी हैं:
- समान कार्य के लिए समान वेतन: सभी संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन मिले।
- बकाया राशि का भुगतान: अप्रैल 2017 से अब तक का रुका हुआ वेतन अंतर ब्याज सहित दिया जाए।
- पीएफ राशि की वापसी: पीएफ के नाम पर काटी गई ₹79 लाख की राशि कर्मचारियों को तुरंत लौटाई जाए।
- न्यूनतम वेतन कानून: न्यूनतम वेतन कानून के मानदंडों के अनुरूप एक पारदर्शी वेतन संरचना लागू की जाए।
मरीजों को नहीं होगी परेशानी, ड्यूटी के साथ चलेगी भूख हड़ताल
इस आंदोलन की सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए काम ठप न करने का फैसला किया है। आंदोलन के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पतालों में अपनी नियमित ड्यूटी पूरी करेंगे, लेकिन ड्यूटी के दौरान वे अन्न का त्याग कर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके इस शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलन के बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, तो आने वाले दिनों में इस प्रदर्शन को और अधिक तेज किया जाएगा।