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🚨 वसई-विरार में पानी संकट पर बवाल: नगरसेविका रितू चौबे का प्रशासन पर करारा हमला, आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की दी चेतावनी |

विरार (संवाददाता साहिल यादव): वसई-विरार शहर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और चक्रवाती हवाओं के कारण पेयजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सूर्या जलापूर्ति योजना सहित नगर निगम की मुख्य वाटर लाइनें ठप पड़ जाने से पिछले तीन दिनों से लाखों नागरिकों को बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज होना पड़ा। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर पूर्व नगरसेविका रितू सचिन चौबे ने नगरसेवक योगेश सिंह के साथ वसई-विरार महानगरपालिका आयुक्त से मुलाकात की और कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए ज्ञापन सौंपा।

आपदा प्रबंधन की खुली पोल: रितू चौबे

आयुक्त से मुलाकात के दौरान रितू चौबे ने प्रशासन की पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन की पोल खोलते हुए कहा कि हर मानसून में बारिश का बहाना बनाकर जलापूर्ति ठप कर देना VVMC प्रशासन की नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “साफ पानी पाना शहर के हर नागरिक का संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। प्रशासन को इस समस्या का कोई तात्कालिक बहाना बनाने के बजाय स्थायी समाधान निकालना होगा।”

ज्ञापन में रखी गईं 3 मुख्य मांगें:

  1. वैकल्पिक बिजली व्यवस्था: सभी प्रमुख जल शोधन संयंत्रों (Water Treatment Plants) और पंपिंग स्टेशनों पर हाई-कैपेसिटी वाले जनरेटर (DG Sets) तुरंत स्थापित किए जाएं ताकि बिजली कटने पर भी सप्लाई बाधित न हो।
  2. लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: इस जलापूर्ति विफलता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया जाए।
  3. मुफ्त टैंकर सुविधा: आपात स्थिति में प्रभावित सोसायटियों और इलाकों में महानगरपालिका की ओर से मुफ्त पानी के टैंकर तुरंत मुहैया कराए जाएं।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

नगरसेविका रितू चौबे और योगेश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि महानगरपालिका प्रशासन ने जलापूर्ति में सुधार और इन मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो वसई-विरार की जनता के हक के लिए उग्र और लोकतांत्रिक तरीके से जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।

Sahil Yadav

Senior Journalist & Chief Editor covering breaking national and international news stories.