विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर मुआवजा घोटाला: 10 और लोगों पर FIR, आरोपियों की संख्या बढ़कर 24 हुई |

Share:

फर्जी घरपट्टी दस्तावेजों के जरिए सरकारी मुआवजा हासिल करने की कथित साजिश; तत्कालीन सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्यों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

वसई: प्रस्तावित विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना के मार्ग में कथित तौर पर फर्जी मकान बनाकर सरकारी मुआवजा हासिल करने की कोशिश के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस प्रकरण में 10 और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके साथ ही अब तक नामजद आरोपियों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, वसई पूर्व के कामण, सारजामोरी और पोमण गांवों से प्रस्तावित विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं गुजरने वाली हैं। इन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले सरकारी मुआवजा प्राप्त करने के कथित उद्देश्य से संबंधित क्षेत्र में करीब 2,000 अनधिकृत मकान बनाए गए थे। जिला प्रशासन के आदेश के बाद हाल ही में इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया था।

पुराने दस्तावेजों के जरिए मुआवजा लेने की कथित साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि इनमें से कई मकानों का वास्तविक निर्माण वर्ष 2022 और 2023 में किया गया था। हालांकि, सरकारी मुआवजे का लाभ लेने के कथित उद्देश्य से इन मकानों को वर्ष 2018 और 2019 में निर्मित बताने की कोशिश की गई। इसके लिए कथित तौर पर पांच साल पुराने फर्जी घरपट्टी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि पुराने रिकॉर्ड के आधार पर सरकारी मुआवजा हासिल करने की योजना बनाई गई थी।

तत्कालीन सरपंच और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में

इस मामले में शुरुआती चरण में 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जबकि चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान तत्कालीन ग्राम पंचायत सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्यों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद 10 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इस तरह अब तक नामजद आरोपियों की कुल संख्या 24 हो गई है।

नायगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय हजारे ने बताया कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आ रही है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और दोषियों तक पहुंचने के लिए पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

निवेशकों से पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने इस मामले में नागरिकों और निवेशकों से भी अपील की है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर बनाए गए करीब 2,000 कमरों या मकानों में यदि किसी नागरिक अथवा निवेशक ने पैसे लगाकर खरीदारी की है, तो वह बिना किसी डर के आगे आए और पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराए।

इस कार्रवाई के बाद विरार-अलीबाग कॉरिडोर से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी और सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी किस स्तर पर की गई।

रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण

Share: