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विरार पूर्व में बड़ा हादसा टला: मूसलाधार बारिश के बीच हिराबाई अपार्टमेंट के स्लैब का हिस्सा ढहा, इमारत खाली कराने का आदेश |

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विरार (तृप्ति प्रमाण)। पालघर जिले के विरार पूर्व इलाके में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। फूलपाड़ा क्षेत्र में स्थित जर्जर हो चुकी ‘हिराबाई अपार्टमेंट’ की चौथी मंजिल के स्लैब का एक बड़ा हिस्सा भारी बारिश के दौरान अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के वक्त उस जगह पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया। हालांकि, इस घटना के बाद पूरी बिल्डिंग और आसपास के परिसर में दहशत फैल गई और रात में ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए।

65 फ्लैट्स वाली इमारत पर मंडरा रहा खतरा, तीन बार मिला था नोटिस

मिली जानकारी के मुताबिक, हिराबाई अपार्टमेंट में कुल 65 परिवार निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) द्वारा इस रिहायशी इमारत को रिपेयरिंग के लिए तीन बार आधिकारिक नोटिस थमाया जा चुका था। इसके बावजूद सोसायटी प्रबंधन की ओर से बिल्डिंग की मजबूती और स्ट्रक्चरल रिपेयरिंग को लेकर कोई ठोस या गुणवत्तापूर्ण कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यह कभी भी पूरी तरह जमींदोज हो सकती है।

सजगता आई काम: मंत्रालय के अधिकारी की शिकायत से जागा प्रशासन

इमारत के फ्लैट नंबर 401 में रहने वाले विशाल पवार, जो मुंबई स्थित मंत्रालय में कार्यरत हैं, ने समय रहते इस खतरे को भांप लिया था। उन्होंने भवन की बेहद जर्जर स्थिति को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी और इमारत को तुरंत खाली कराकर सुरक्षा उपाय लागू करने की गुहार लगाई थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस सक्रियता के चलते प्रशासन पहले से अलर्ट था, जिससे एक भीषण हादसा होने से पहले ही जरूरी कदम उठा लिए गए।

आधी रात को मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, बिल्डिंग खाली करने की प्रक्रिया शुरू

स्लैब गिरने की गूंज मुंबई मंत्रालय तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। देर रात दुर्घटना की खबर मिलते ही मनपा के इंजीनियर, पुलिस बल और स्थानीय लोग राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। विरार क्षेत्र के एसीपी (ACP) और विरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक एल. एम. तुरे ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

मनपा प्रभाग समिति ‘सी’ के तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत को पहले ही सी-2(ए) श्रेणी (खतरनाक लेकिन मरम्मत योग्य) में रखकर खाली करने का नोटिस दिया गया था। फिलहाल, सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हिराबाई अपार्टमेंट को तुरंत खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है।

जनप्रतिनिधियों की बेरुखी और दिखावे की रिपेयरिंग पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर यादव ने मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन को केवल नोटिस बोर्ड टांगने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि एक विशेष टेक्निकल टीम बनाकर ऐसी इमारतों का सख्त स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सोसायटियां सिर्फ बाहरी रंग-रोगन और प्लास्टर का पैचवर्क करके जर्जर इमारतों को सुरक्षित दिखाने का ढोंग करती हैं। वहीं, क्षेत्र के नागरिकों ने फूलपाड़ा प्रभाग क्रमांक-7 के स्थानीय जनप्रतितिधियों पर भी घोर लापरवाही और जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

ब्यूरो रिपोर्ट: विरार प्रतिनिधि (तृप्ति प्रमाण)

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Rajesh