मुरादाबाद (तृप्ति प्रमाण)। मुरादाबाद के जाने-माने शिक्षाविद, बाल संरक्षण विशेषज्ञ और समाज सेवी डॉ. विशेष कुमार गुप्ता को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। शिक्षा, समाज सेवा और बाल अधिकारों के क्षेत्र में पिछले चार दशकों (40 वर्षों) से उनके निरंतर और अतुलनीय योगदान को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित ‘भारत प्रतिभा सम्मान’ के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान काउंसिल द्वारा आगामी 20 जुलाई को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित होने वाले एक गरिमामयी समारोह में उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
6 हजार आवेदकों में से हुआ अंतिम चयन, यूपी से चमका नाम
इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी और पारदर्शी रही। काउंसिल के अनुसार, इस पुरस्कार के लिए देश भर से 6,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे। शुरुआती छंटनी के बाद केवल 250 प्रतिभागियों को ही साक्षात्कार (इंटरव्यू) के दौर तक पहुंचने का मौका मिला। कड़े मूल्यांकन के बाद विभिन्न 14 श्रेणियों में देश की केवल 14 विशिष्ट हस्तियों को अंतिम रूप से चुना गया, जिनमें उत्तर प्रदेश से शिक्षा और समाज सेवा की श्रेणी में डॉ. विशेष कुमार गुप्ता ने अपनी जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया है।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा, कोरोना काल में बने अनाथों का सहारा
डॉ. विशेष कुमार गुप्ता का सफर मुरादाबाद के क्लासरूम से लेकर राज्य स्तर पर बाल अधिकारों की रक्षा करने तक फैला रहा है। एक युवा शिक्षक के रूप में उन्होंने रुहेलखंड क्षेत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की नई इकाइयां स्थापित कर हजारों युवाओं को देश सेवा की मुख्यधारा से जोड़ा। उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निवर्तमान अध्यक्ष और महाराजा हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रहे डॉ. गुप्ता ने सात वर्षों तक बाल कल्याण समिति (CWC) मुरादाबाद के अध्यक्ष के रूप में भी बेमिसाल सेवाएं दीं। कोरोना काल की विभीषिका के दौरान जब कई बच्चे बेसहारा हो गए थे, तब उन्होंने उनके पुनर्वास के लिए सराहनीय कदम उठाए। अपने इसी मानवीय अनुभव पर उन्होंने ‘कोरोना का सामाजिक-आर्थिक रोल’ नामक एक बेहद प्रभावशाली पुस्तक भी लिखी।
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में वैश्विक पहचान
डॉ. गुप्ता का शैक्षणिक ग्राफ बेहद मजबूत और प्रेरणादायी है। उनके खाते में 25 राष्ट्रीय और 5 अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र (Research Papers) दर्ज हैं। वे अब तक 5 पुस्तकें लिख चुके हैं और उनके मार्गदर्शन में 10 स्नातकोत्तर शोध व 13 शोधार्थी अपनी पीएचडी (PhD) पूरी कर चुके हैं। डॉ. गुप्ता ने अमेरिका, सिंगापुर, दुबई, पेरिस और लॉस एंजिल्स जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा समसामयिक और राष्ट्रवादी विषयों पर विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में उनके 2,500 से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
शिक्षा जगत में हर्ष की लहर, बधाई देने वालों का लगा तांता
डॉ. गुप्ता को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुने जाने पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) के कुलाधिपति सुरेश जैन सहित दिल्ली यूनिवर्सिटी, जयपुर, जेएनयू (JNU), गोरखपुर यूनिवर्सिटी और गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी के तमाम दिग्गज शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई दी है। इस प्रतिष्ठित समारोह में डॉ. गुप्ता के साथ उनके परिवार को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस बड़ी उपलब्धि से शिक्षा जगत, समाजसेवियों और मुरादाबाद के नागरिकों में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है।
संवाददाता: अंकित पाल (तृप्ति प्रमाण)