यूरोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने किया उपचार, ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर
जौनपुर। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में मार्टिनगंज, आजमगढ़ निवासी 54 वर्षीय मरीज के ब्लैडर में पाए गए मास का सफल ऑपरेशन किया गया। यह प्रक्रिया यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. हिमांशु सिंह ने विशेषज्ञ टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरी की।
ऑपरेशन में डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. इमरान, डॉ. आकांक्षा और डॉ. राजन्य प्रजापति का सहयोग रहा। ब्लैडर संबंधी समस्या के चलते मरीज को चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया था। आवश्यक जांचों के बाद ब्लैडर में मास पाए जाने पर चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
TURBT जैसी प्रक्रिया से किया जाता है उपचार

चिकित्सकों के अनुसार, ब्लैडर के अंदर पाए जाने वाले मास या ट्यूमर की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार उसे हटाने के लिए ट्रांसयूरेथ्रल रीसैक्शन ऑफ ब्लैडर ट्यूमर (TURBT) जैसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें पेट पर चीरा लगाए बिना मूत्रमार्ग के रास्ते विशेष उपकरणों की मदद से ब्लैडर के अंदर मौजूद असामान्य वृद्धि को हटाया जाता है।
प्राचार्य और CMS ने चिकित्सकीय टीम को दी बधाई
सफल ऑपरेशन पर चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आर.बी. कमल ने चिकित्सकीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनके अनुसार, जटिल एवं विशेषज्ञ उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से जौनपुर और आसपास के जनपदों के मरीजों को लाभ मिल रहा है।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) ए.ए. जाफरी ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है।
एनेस्थीसिया और सहायक स्टाफ का भी योगदान
ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया प्रदान करने में डॉ. अरविंद पटेल, डॉ. जीसान जफर और डॉ. साइराम नागारेड्डी दत्ता का योगदान रहा। वहीं सहायक कर्मचारियों इन्दु, आस्था, रीना, काजल राजूमजूमदार, अरविन्द, सुनील, प्रेम, सोनी, अभिषेक, जुबेर और विशाल ने भी सहयोग किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा




