फरियादियों की सुनवाई और प्रशासनिक कार्यों में सक्रियता को लेकर क्षेत्र में चर्चा
बरेली/मीरगंज। संघर्षों का सामना करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा में प्रदेश स्तर पर आठवीं रैंक हासिल करने वाली एसडीएम निधि शुक्ला इन दिनों मीरगंज तहसील में अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रही हैं। क्षेत्र में शिकायतों की सुनवाई और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर उनकी सक्रियता चर्चा में है।

हाल के दिनों में मीरगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम निधि शुक्ला द्वारा अन्य अधिकारियों के साथ फरियादियों की शिकायतें सुनने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा क्षेत्र के विद्यालयों के निरीक्षण जैसी प्रशासनिक गतिविधियों में भी उनकी मौजूदगी दर्ज की गई है।
संघर्षों के बीच जारी रखी पढ़ाई
निधि शुक्ला मूल रूप से अयोध्या से हैं। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उनके पिता स्वर्गीय संतोष शुक्ला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आदिवासी जनजाति विभाग में कार्यरत थे। पिता के निधन के बाद परिवार अयोध्या लौट आया। निधि ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी।
उन्होंने हाईस्कूल की शिक्षा छत्तीसगढ़ के कोरिया से पूरी की। इसके बाद अयोध्या के अनिल सरस्वती विद्यालय से इंटरमीडिएट, दरबारी लाल विमला देवी कॉलेज, मिल्कीपुर से स्नातक और कुंवर चंद्रावती डिग्री कॉलेज से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की।
UPPCS-2023 में हासिल की 8वीं रैंक
निधि शुक्ला ने वर्ष 2021 में भी पीसीएस परीक्षा दी थी। इसके बाद अपनी तैयारी जारी रखते हुए उन्होंने UPPCS-2023 की परीक्षा में प्रदेश में 8वीं रैंक हासिल की और डिप्टी कलेक्टर/एसडीएम पद के लिए चयनित हुईं। UPPCS-2023 की मेरिट सूची में भी निधि शुक्ला का नाम आठवें स्थान पर दर्ज है।
मीरगंज में प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर फोकस
वर्तमान में निधि शुक्ला मीरगंज में एसडीएम के रूप में कार्यरत हैं। हाल की स्थानीय रिपोर्टों में उन्हें तहसील में शिकायतों की सुनवाई के साथ-साथ विद्यालयों के निरीक्षण और विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों में सक्रिय देखा गया है।
स्थानीय स्तर पर उनकी कार्यशैली को लेकर फरियादियों की समस्याओं की सुनवाई, राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने की अपेक्षाएं जुड़ी हैं।
गरीब, बुजुर्ग और महिला फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर उनकी कार्यशैली की चर्चा की जा रही है। हालांकि, किसी अधिकारी के कामकाज का व्यापक मूल्यांकन आधिकारिक आंकड़ों, शिकायत निस्तारण की स्थिति और प्रशासनिक परिणामों के आधार पर किया जाना अधिक उचित होता है।
संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से निकलकर UPPCS में आठवीं रैंक हासिल करने से लेकर मीरगंज में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने तक निधि शुक्ला की यात्रा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी रुचि का विषय बनी हुई है।
विशेष संवाददाता: लादेन मंसूरी




