वैतरणा पुल पर गड्ढे और उखड़ा एक्सपेंशन जॉइंट, लोहे की सरिया बाहर |

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भारी वाहनों की आवाजाही से पुल की सुरक्षा पर सवाल; PWD ने किया निरीक्षण, मरम्मत और स्ट्रक्चरल ऑडिट की तैयारी

मनोर: पालघर तालुका के वरई–सफाले मार्ग पर पारगांव क्षेत्र में वैतरणा खाड़ी पर बने पुल की खराब स्थिति को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ गई है। पुल पर जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। वहीं, एक्सपेंशन जॉइंट के पास सीमेंट-कंक्रीट उखड़ने से लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं। इससे वाहन चालकों और यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

वरई–पारगांव–सफाले मार्ग पर बढ़ा दबाव

वरई–पारगांव–सफाले मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। वरई, दहिसर, साखरे, नावझे, गिराले, सोनावे, पारगांव और दारशेत सहित आसपास के क्षेत्रों से विद्यार्थी, कामगार, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और अन्य नागरिक सफाले रेलवे स्टेशन तथा बाजार तक पहुंचने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मार्ग पर बढ़ी भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पुल पर दबाव बढ़ने की चिंता है।

बुलेट ट्रेन और अन्य परियोजनाओं के भारी वाहनों की आवाजाही

वर्तमान में बुलेट ट्रेन परियोजना से संबंधित रेडीमिक्स कंक्रीट मिक्सर तथा मिट्टी, पत्थर और अन्य निर्माण सामग्री ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही इस मार्ग पर हो रही है।

इससे पहले मुंबई–वडोदरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान भी इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही होने की जानकारी स्थानीय लोगों ने दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भारी वाहनों की आवाजाही का पुल की सड़क और संरचना पर क्या प्रभाव पड़ा है, इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है।

बारिश में बढ़ जाता है गड्ढों का खतरा

पुल पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। वहीं, एक्सपेंशन जॉइंट के पास लोहे की सरिया बाहर आने से दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए विशेष सावधानी की जरूरत है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार रात के समय पर्याप्त दृश्यता नहीं होने के कारण इस हिस्से में दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है।

पहले भी सामने आ चुकी है पुल की सुरक्षा की समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले भी पारगांव पुल का एक पिलर झुकने की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुल की मरम्मत का काम किया गया था और भारी वाहनों की आवाजाही एक वर्ष से अधिक समय तक बंद रखी गई थी।

इसी पृष्ठभूमि में नागरिकों ने वर्तमान स्थिति की तकनीकी जांच जल्द कराने की मांग की है, ताकि किसी गंभीर दुर्घटना या लंबे समय तक यातायात बाधित होने की स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

PWD अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण

शनिवार को पुल पर कंक्रीट उखड़ने और लोहे की सरिया बाहर आने की जानकारी सामने आने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

पुल की वर्तमान स्थिति की जानकारी सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र किणी के संज्ञान में भी लाई गई है। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

मरम्मत के साथ स्ट्रक्चरल ऑडिट पर जोर

सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से पुल पर बने गड्ढों को भरने और आवश्यक मरम्मत करने की जानकारी दी गई है। साथ ही पुल की सुरक्षा का आकलन करने के लिए स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की तैयारी है।

ऑडिट के दौरान पुल की संरचनात्मक क्षमता, कंक्रीट की स्थिति, एक्सपेंशन जॉइंट की मजबूती और भारी वाहनों की आवाजाही के संभावित प्रभावों की तकनीकी जांच की जा सकती है।

दुर्घटना से पहले कार्रवाई की मांग

स्थानीय यात्रियों, वाहन चालकों और ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल की स्थिति और खराब होने का इंतजार किए बिना तत्काल मरम्मत की जाए। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही की समीक्षा कर आवश्यक नियंत्रण उपाय किए जाएं।

नागरिकों ने पुल का स्ट्रक्चरल ऑडिट जल्द पूरा कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।

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