40 से 45 RMC प्लांटों से धूल फैलने का आरोप; प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कार्रवाई में 4 प्लांटों की बिजली गुल, 9 को नोटिस
वसई: वसई-विरार में तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सरकारी निगरानी व्यवस्था की सीमाएं भी सामने आने लगी हैं। शहर के जिन इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्य, रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट और कचराभूमि के कारण प्रदूषण का खतरा अधिक है, वहां हवा की गुणवत्ता जांचने के पर्याप्त केंद्र मौजूद नहीं हैं। इसके चलते प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो रहा है।
शहर में लगातार जारी निर्माण कार्य, खुले में मलबे की ढुलाई, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं, वाहनों की बढ़ती संख्या और कचराभूमि में आग लगने की घटनाएं हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं।
मुंबई-अहमदाबाद महामार्ग पर ससूनवघर, मालजीपाड़ा और जूचंद्र में स्थित RMC प्लांटों तथा भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कचराभूमि से उठने वाला धुआं भोयदापाड़ा, सातिवली, वालीव, राजावली और गोखीवरे तक पहुंच रहा है।
केवल दो स्थानों पर सक्रिय निगरानी केंद्र
फिलहाल महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग केंद्र विरार बोळींज और दिवाणमान में कार्यरत हैं। महानगरपालिका मुख्यालय, तामतलाव और वसई पूर्व के गोलानी में नए केंद्र प्रस्तावित हैं।
इस बीच सरकारी SAMEER ऐप और निजी AQI.in वेबसाइट के आंकड़ों में भी अंतर सामने आया है। AQI.in के अनुसार, 3 नवंबर को नायगांव पश्चिम में AQI 154, नवघर में 155 और विशाल नगर में 154 दर्ज किया गया था।
पूर्वी वसई में मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन की तैयारी
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के उपप्रादेशिक अधिकारी आनंद काठोळे ने बताया कि पूर्वी वसई में मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था के तहत कर्मचारी हवा के नमूने एकत्र करेंगे और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजेंगे। इससे धूलकणों और प्रदूषक गैसों की वास्तविक मात्रा का पता चल सकेगा।
40 से 45 RMC प्लांटों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप
इधर, 40 से 45 RMC प्लांटों से धूल प्रदूषण होने का आरोप लगाते हुए भूमिपुत्र फाउंडेशन के अध्यक्ष सुशांत पाटील ने महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
2 नवंबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने कार्रवाई करते हुए चार RMC प्लांटों के बिजली कनेक्शन कटवाए हैं और नौ प्लांटों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए हैं।
इसके अलावा मुंबई-अहमदाबाद महामार्ग पर धूल नियंत्रण के लिए NHAI, महानगरपालिका, ट्रैफिक पुलिस और RTO को भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
वसई-विरार में प्रदूषण की समस्या के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन इलाकों में प्रदूषण का खतरा अधिक है, वहां पर्याप्त निगरानी केंद्र कब स्थापित होंगे, ताकि हवा की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण


