वसई के लंबित मुद्दों को लेकर विधायक स्नेहा दुबे पंडित का मंत्रालय में जोरदार पाठपुरावा |

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात, जिला परिषद स्कूलों के हस्तांतरण सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

मुंबई, 6 अक्टूबर। वसई विधानसभा क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और नागरिक समस्याओं को शासन स्तर पर गति देने के उद्देश्य से विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री सहित विभिन्न मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के दौरान वसई-विरार क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान विशेष रूप से जिला परिषद की शालाओं को वसई-विरार महानगरपालिका के अधीन हस्तांतरित करने का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया। दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में जल्द शासन निर्णय जारी किए जाने का सकारात्मक आश्वासन दिया गया।

बैठक में वसई-विरार महानगरपालिका में अभियंताओं, सहायक आयुक्तों सहित अन्य महत्वपूर्ण रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा विधानसभा के पूर्व सत्रों में वसई से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर शासन की ओर से दिए गए आश्वासनों को अमल में लाने तथा ‘ओवर एंड अबव सीसी’ प्राप्त इमारतों को भोगवटा प्रमाणपत्र यानी OC मिलने में आ रही अड़चनों का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।

इसके बाद विधायक ने नगरविकास, परिवहन, सामाजिक न्याय, वैद्यकीय शिक्षा, अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ से मुलाकात की। इस दौरान वसई क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं और विभिन्न नगर विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। ‘ओवर एंड अबव सीसी’ वाली इमारतों के लंबित OC का प्रश्न भी इस बैठक में उठाया गया।

नगरविकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असिम गुप्ता के साथ हुई बैठक में वसई की नगररचना और विकास से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। हरित पट्टे में FSI से जुड़े नियम, पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्थित पुराने मकानों के पुनर्विकास और मरम्मत के दौरान आने वाली दिक्कतों तथा ऐसे मामलों में नगररचना विभाग की कुछ शर्तों में आवश्यक राहत देने का मुद्दा सामने रखा गया।

इसके साथ ही बावखलों से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इन विषयों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर उचित रास्ता निकालने पर विचार-विमर्श किया गया।

PCPNDT कानून की समीक्षा बैठक में भी हुई भागीदारी

इसी दिन मंत्रालय में गर्भधारण-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) यानी PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में भी विधायक स्नेहा दुबे पंडित शामिल हुईं।

बैठक राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर की प्रमुख उपस्थिति में तथा राज्यस्तरीय कृती दल समिति की अध्यक्ष नीलम गोऱ्हे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समिति की सदस्य मनीषा कायंदे और उमा खापरे भी उपस्थित रहीं।

PCPNDT कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य में समन्वय और निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। हालिया रिपोर्टों में भी मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय बैठक में विधायक स्नेहा दुबे की मौजूदगी तथा कानून के प्रभावी अमल के लिए समन्वित व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा का उल्लेख है।

बैठक के दौरान राज्य में फर्जी डॉक्टरों की पहचान कर उनकी सूची सार्वजनिक करने, सोनोग्राफी केंद्रों का निरीक्षण करने तथा PCPNDT कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

वसई क्षेत्र में शिक्षा, महानगरपालिका में रिक्त पदों की भर्ती, ‘ओवर एंड अबव सीसी’ वाली इमारतों के OC, पुराने मकानों के पुनर्विकास, नगररचना, हरित पट्टा और बावखलों जैसे मुद्दे नागरिकों से जुड़े विषय हैं। इन समस्याओं का शासन स्तर पर समाधान निकालने के लिए विधायक स्नेहा दुबे पंडित की ओर से लगातार पाठपुरावा किए जाने की जानकारी दी गई है।

विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने कहा कि वसई के मुद्दों को केवल शासन के सामने रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जब तक संबंधित विषयों पर निर्णय नहीं होता, तब तक लगातार उसका पाठपुरावा करना आवश्यक है।

— रिपोर्ट : साहिल यादव
राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक ‘तृप्ति प्रमाण’

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