वसई: वसई पश्चिम स्थित पाचूबंदर रोड के कचरा डंपिंग ग्राउंड को वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने बंद कर दिया है। करीब दो सप्ताह पहले महानगरपालिका ने परिसर की सफाई कराकर मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इस कार्रवाई से लंबे समय से दुर्गंध और कचरा जलने से होने वाले वायु प्रदूषण से परेशान स्थानीय नागरिकों को राहत मिली है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पाचूबंदर का यह कचरा डंपिंग ग्राउंड नगर परिषद के समय से मौजूद था। यह लंबे समय तक बंद रहा, लेकिन पिछले एक वर्ष से यहां शहर से एकत्र किया गया कचरा दोबारा डाला जाने लगा था। इसके चलते इलाके में गंदगी बढ़ने के साथ तेज दुर्गंध फैलने लगी थी।
कचरा जलने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब डंपिंग ग्राउंड में अज्ञात लोगों द्वारा बार-बार आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आईं। कचरे के ढेर से निकलने वाले धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीण लंबे समय से डंपिंग ग्राउंड को स्थायी रूप से बंद करने और यहां कचरा डालने पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। इस समस्या को लेकर समाचार पत्र में भी खबर प्रकाशित हुई थी, जिसके बाद प्रशासन का ध्यान इस ओर गया।
महानगरपालिका ने परिसर की सफाई कर लगवाया ताला
महानगरपालिका ने अब परिसर की सफाई कराकर डंपिंग ग्राउंड को बंद कर दिया है। अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाया गया है। इसके साथ ही परिसर में कुछ व्यवसायियों द्वारा रखे गए घोड़ों और घोड़ागाड़ियों को भी बाहर हटाया गया है।
स्थानीय निवासी राजेश हेट्या ने बताया कि इस निर्णय से पाचूबंदर रोड से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों और आसपास के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
डंपिंग ग्राउंड बंद होने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है। हालांकि, यहां भविष्य में दोबारा कचरा न डाला जाए और परिसर की स्वच्छता बनी रहे, यह स्थानीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।




