जनता के पैसों से बनी सुविधाएं बदहाल; कांग्रेस कार्याध्यक्ष रतन तिवारी ने मनपा आयुक्त और महापौर को सौंपा पत्र
वसई | रिपोर्टर: तृप्ति प्रमाण
कोविड-19 महामारी के दौरान नागरिकों की स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वसई-विरार शहर महानगरपालिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर हैंडवॉश स्टेशन स्थापित किए गए थे। इन सुविधाओं पर महानगरपालिका के सार्वजनिक निधि से खर्च किया गया था। हालांकि, वर्तमान में उचित देखभाल और मरम्मत के अभाव में लगभग सभी हैंडवॉश स्टेशन जीर्ण अवस्था में हैं और उपयोग में नहीं आ रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर वसई-विरार शहर जिला कांग्रेस कमिटी के कार्याध्यक्ष रतन तिवारी ने महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. और महापौर अजीव यशवंत पाटील को पत्र सौंपकर इन अनुपयोगी हैंडवॉश स्टेशनों को सार्वजनिक प्याऊ में परिवर्तित करने की मांग की है।
अनुपयोगी हैंडवॉश स्टेशनों का सर्वेक्षण कराने की मांग
कांग्रेस कार्याध्यक्ष रतन तिवारी ने अपने पत्र में कहा कि सार्वजनिक निधि से निर्मित इन सुविधाओं का उपयोग बंद पड़े रहना उचित नहीं है। महानगरपालिका को ऐसे सभी हैंडवॉश स्टेशनों का सर्वेक्षण कराना चाहिए। जहां तकनीकी और प्रशासनिक रूप से संभव हो, वहां स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करके इन स्टेशनों को सार्वजनिक प्याऊ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
आम नागरिकों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
रतन तिवारी के अनुसार, इस पहल से पैदल चलने वाले नागरिकों, मजदूरों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही पहले खर्च किए गए सार्वजनिक धन का सदुपयोग होगा और मौजूदा सुविधाओं का दोबारा जनहित में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विशेष रूप से गर्मी के मौसम में सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
कार्रवाई की लिखित जानकारी देने की मांग
रतन तिवारी ने संबंधित अधिकारियों से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने अपने पत्र के साथ जीर्ण एवं अनुपयोगी हैंडवॉश स्टेशनों की तस्वीरें भी संदर्भ के लिए संलग्न की हैं।
अब इस मांग पर वसई-विरार महानगरपालिका प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।
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