ग्राहकों की जानकारी और ओटीपी का कथित दुरुपयोग कर सिलेंडर बेचने का आरोप; आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी की शिकायत पर वसई पुलिस ने दर्ज किया मामला
वसई | रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ राजेश कोरी | राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक तृप्ति प्रमाण
वसई में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। वसई तहसील कार्यालय के आपूर्ति निरीक्षण अधिकारी भागवत मोहन सोनार की शिकायत पर वसई पुलिस ने अन्नपूर्णा एचपी गैस एजेंसी से जुड़े संचालकों, एक सेल्स मैनेजर और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में पांच व्यक्तियों के साथ एक कंपनी का भी उल्लेख है।
फर्जी बुकिंग और ओटीपी के दुरुपयोग का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, वसई स्थित अन्नपूर्णा गैस एजेंसी के खिलाफ ग्राहकों की जानकारी और बुकिंग प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया कि एक ग्राहक के नाम पर 28 सितंबर 2026 को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग दर्ज थी, जबकि संबंधित ग्राहक ने ऐसी बुकिंग नहीं कराने की बात कही थी।
इस शिकायत के आधार पर आपूर्ति विभाग की जिला स्तरीय जांच टीम ने दो पंचों की मौजूदगी में एजेंसी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पिछले छह महीनों के स्टॉक रजिस्टर, आवक-जावक रिकॉर्ड, ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्टर तथा सिलेंडर वितरण से संबंधित दस्तावेज मांगे गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ रिकॉर्ड में पेंसिल से प्रविष्टियां दर्ज थीं और मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल की गई।
सिलेंडर डिलीवरी के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
जांच में संबंधित ग्राहक की सिलेंडर डिलीवरी का रिकॉर्ड आईवीआरएस प्रणाली के माध्यम से दर्ज दिखाई दिया। रिकॉर्ड में डिलीवरी बॉय के रूप में सतीश का नाम सामने आया, लेकिन 28 सितंबर के उपस्थिति रजिस्टर में उसके मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई। इससे सिलेंडर वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राहकों की वास्तविक बुकिंग के बिना उनके नाम पर सिलेंडर दर्ज कर उन्हें कथित तौर पर खुले बाजार में बेचा जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छह नामों और कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज
प्राथमिकी में शरद गजानन वालावलकर, सुमित विजयकुमार वालावलकर, जयकुमार गजानन वालावलकर, विजयकुमार गजानन वालावलकर, एचपीसीएल के सेल्स मैनेजर राहुल राठोड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का उल्लेख है।
वसई पुलिस ने अपराध क्रमांक 351/2026 के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7, कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु आपूर्ति संबंधी अधिनियम, 1980 की धारा 3 और 13 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ राजेश कोरी




