‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के ऑफ एयर होने से भावुक हुईं रावी गुप्ता, शो को बताया करियर का अहम पड़ाव |

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सेट की यादों, कलाकारों के साथ दोस्ती और स्मृति ईरानी से मिली प्रेरणा को हमेशा संजोकर रखेंगी अभिनेत्री

रिपोर्ट: साहिल यादव | राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक तृप्ति प्रमाण

मनोरंजन जगत। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के ऑफ एयर होने की खबर के बीच अभिनेत्री रावी गुप्ता अपने सफर को याद कर भावुक नजर आ रही हैं। अभिनेत्री के लिए यह शो केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनके पेशेवर जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। लंबे अंतराल के बाद अभिनय की दुनिया में सक्रिय हुईं रावी का मानना है कि इस शो ने उन्हें एक बार फिर दर्शकों के बीच पहचान बनाने और मनोरंजन जगत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर दिया है।

शो के समाप्त होने को लेकर रावी गुप्ता के मन में मिली-जुली भावनाएं हैं। उन्हें पहले से पता था कि यह धारावाहिक सीमित अवधि के लिए बनाया गया है और एक समय पर इसका समापन होना तय है। हालांकि, शो को दर्शकों से मिले प्यार और उनके किरदार को मिली प्रतिक्रिया से वह काफी खुश हैं। अभिनेत्री का कहना है कि उनके किरदार की कहानी को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उससे वह संतुष्ट हैं।

कलाकारों के साथ बिताए पल रहेंगे यादगार

रावी गुप्ता के लिए इस शो की सबसे खास बात कलाकारों और पूरी टीम के साथ बना आपसी जुड़ाव रहा है। सेट पर साथ काम करने, एक-दूसरे के साथ समय बिताने और सामूहिक दृश्यों की शूटिंग के दौरान बने रिश्तों को वह अपनी सबसे खूबसूरत यादों में शामिल करती हैं।

अभिनेत्री के मुताबिक, कई सालों के अंतराल के बाद पुराने साथियों के साथ दोबारा काम करना उनके लिए बेहद सहज और सुखद अनुभव रहा। कलाकारों के बीच दोस्ती, आपसी समझ और अपनापन इस सफर को खास बनाते रहे। शूटिंग के आखिरी दिन का माहौल भी काफी भावुक था। रावी का कहना है कि लंबे समय तक एक ही सेट पर काम करने के बाद वहां से विदा लेना स्वाभाविक रूप से खालीपन का एहसास कराता है। वह चाहती हैं कि शो खत्म होने के बाद भी सभी कलाकारों के बीच यह रिश्ता बना रहे।

स्मृति ईरानी की कार्यशैली से प्रभावित हैं रावी

शो में काम करने के अनुभव को साझा करते हुए रावी गुप्ता ने स्मृति ईरानी की जमकर सराहना की। उन्होंने स्मृति को मेहनती, जुनूनी और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित व्यक्तित्व बताया। रावी के अनुसार, स्मृति ईरानी काम से जुड़ी छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देती हैं और बारीकियों को याद रखने की उनकी क्षमता प्रेरणादायक है।

अभिनेत्री ने उनके व्यवहार की गर्मजोशी की भी तारीफ की। रावी के लिए स्मृति ईरानी के साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा है, जिसे वह अपने पेशेवर सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।

शो ने दिलाए नए अवसर

रावी गुप्ता का मानना है कि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने उनके करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है। काम से कुछ समय दूर रहने के बाद इस धारावाहिक के जरिए उन्हें दोबारा सुर्खियों में आने का अवसर मिला। शो की लोकप्रियता के कारण अब उन्हें अपने आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी फोन आने लगे हैं।

अभिनेत्री के मुताबिक, इस धारावाहिक से जुड़ना उनके लिए पहले भी महत्वपूर्ण था और आज भी इसका उनके पेशेवर जीवन में विशेष स्थान है। उन्हें उम्मीद है कि इस शो के बाद उनके लिए अभिनय के क्षेत्र में नई संभावनाओं के रास्ते खुलेंगे।

ऑफ-स्क्रीन मस्ती को करेंगी सबसे ज्यादा याद

शो को अलविदा कहते समय रावी गुप्ता को सबसे ज्यादा अपने सह-कलाकारों के साथ बिताए गए अनौपचारिक पल याद आएंगे। शूटिंग के बीच होने वाली हंसी-मजाक, एक-दूसरे की टांग खिंचाई और हल्की-फुल्की बातचीत उनके लिए इस सफर की सबसे अनमोल यादें हैं।

रावी का मानना है कि किसी भी धारावाहिक का अनुभव केवल कैमरे के सामने निभाए गए दृश्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि सेट पर बने रिश्ते और साथ बिताए गए छोटे-छोटे पल भी उसे खास बनाते हैं। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ से विदाई लेते हुए अभिनेत्री इन्हीं यादों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

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