वसई के भोयदापाड़ा डंपिंग ग्राउंड में फिर भड़की आग, धुएं से आसपास की बस्तियों में परेशानी |

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कचरे के बढ़ते ढेर और बायोमाइनिंग प्रक्रिया बंद होने से चिंता बढ़ी; महानगरपालिका की कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवाल

वसई। वसई पूर्व के भोयदापाड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में सोमवार शाम करीब सात बजे आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। कचरे से उठता घना धुआं आसपास की रिहायशी बस्तियों तक पहुंचने लगा। स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की कि धुएं के कारण घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। डंपिंग ग्राउंड में बार-बार आग लगने की घटनाओं से पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भोयदापाड़ा डंपिंग ग्राउंड में वसई-विरार महानगरपालिका के नौ प्रभागों से एकत्र किया गया कचरा लाया जाता है। यहां जमा पुराने कचरे के निस्तारण के लिए बायोमाइनिंग प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, ठेकेदार से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई के बाद संबंधित ठेका रद्द कर दिया गया, जिसके चलते यह प्रक्रिया बंद हो गई।

प्रतिदिन 650 से 800 टन कचरा जमा होने का अनुमान

शहर में प्रतिदिन करीब 650 से 800 टन कचरा एकत्र होने का अनुमान बताया गया है। कचरे का उचित प्रसंस्करण नहीं होने से डंपिंग ग्राउंड में इसका ढेर बढ़ने की चिंता जताई जा रही है। इससे दुर्गंध, गंदगी और वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होने की आशंका है।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, आग लगने के बाद उठने वाला धुआं आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंचता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। लगातार ऐसी घटनाएं होने से डंपिंग ग्राउंड के संचालन और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर सवाल उठ रहे हैं।

औद्योगिक कचरे को लेकर भी चिंता

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आसपास की कुछ औद्योगिक इकाइयों का कचरा भी डंपिंग ग्राउंड में डाला जाता है। उनका कहना है कि ऐसे कचरे की मौजूदगी से आग फैलने और धुएं के हानिकारक होने का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, औद्योगिक कचरा डाले जाने और आग की घटना से उसके संबंध की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस पहलू की जांच संबंधित अधिकारियों द्वारा किए जाने की आवश्यकता है।

वैज्ञानिक निस्तारण और नियमित निगरानी की मांग

बार-बार आग लगने की घटनाओं के बीच नागरिकों ने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, डंपिंग ग्राउंड की नियमित निगरानी और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।

अब सवाल यह है कि पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया कब शुरू होगी और आग तथा धुएं की समस्या से आसपास के निवासियों को राहत दिलाने के लिए महानगरपालिका क्या कदम उठाएगी।

रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण

संपादकीय नोट: आग लगने के कारण, ठेका रद्द किए जाने की परिस्थितियों और औद्योगिक कचरे से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर खबर को और स्पष्ट किया जा सकता है।

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