सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर जौनपुर के ITI संस्थानों में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम |

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1725 करोड़ रुपये की कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना का शुभारंभ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण

जौनपुर। संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा

भारत की एकता, अखंडता, संप्रभुता एवं राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक, स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जौनपुर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सिद्धिकपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।

लखनऊ में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में उन्होंने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान, देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के संकल्प को याद किया।

राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल का ऐतिहासिक योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और अदम्य साहस का उदाहरण है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होंने अपनी दूरदर्शिता, कूटनीतिक कुशलता और असाधारण नेतृत्व क्षमता के बल पर 563 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इसी अतुलनीय योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पी और लौह पुरुष कहा जाता है।

राष्ट्र प्रथम की भावना ही राष्ट्रीय एकता का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक राष्ट्रीय चेतना में निहित होती है। सरदार पटेल का जीवन हमें व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना अपनाते हुए एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।

उन्होंने राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को कमजोर करने वाली विभाजनकारी शक्तियों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति समाज को सजग रहने की आवश्यकता बताई। साथ ही जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्रीय संकीर्णताओं से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भाव एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने का संदेश दिया।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर स्थापित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ सरदार वल्लभभाई पटेल के विराट व्यक्तित्व, अदम्य संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का वैश्विक प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।

सुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्ववर्ती राजनीतिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में तुष्टिकरण, जातिवाद और वंशवाद की राजनीति के कारण सामाजिक समरसता प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रहित, सुशासन, विकास और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

1725 करोड़ रुपये की कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना का शुभारंभ

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 1725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देना, उनकी रोजगारपरक दक्षताओं को बढ़ाना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराना है।

इस पहल के तहत जनरेशन इंडिया फाउंडेशन, मिंडा, टाटा और अशोक लीलैंड सहित विभिन्न औद्योगिक एवं कौशल विकास भागीदारों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

जौनपुर के तीन राजकीय आईटीआई में हुआ सजीव प्रसारण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद जौनपुर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सिद्धिकपुर, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहगंज तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उसरांव में डिजिटल एलईडी बोर्ड के माध्यम से किया गया। तीनों संस्थानों के प्रशिक्षार्थियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम को देखा और सुना।

इस अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सिद्धिकपुर, जौनपुर के प्रधानाचार्य मनीष कुमार पाल, कार्यदेशक अखिलेश कुमार सिंह, ममता यादव, मुन्नालाल, सुनील कुमार सिंह कुशवाहा सहित संस्थान के समस्त अनुदेशक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान, राष्ट्रीय एकता के महत्व तथा कौशल विकास एवं रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की अवधारणा से अवगत कराया गया।

इस अवसर पर संदेश दिया गया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र देना नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, व्यावहारिक दक्षता, अनुशासन, कार्यकुशलता और रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर राष्ट्र के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में सहभागी बनाना भी है।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षार्थियों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रहित की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि राष्ट्रीय एकता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के आचरण, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति समर्पण में निरंतर दिखाई देने वाला संकल्प है। सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

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