विशेष महासभा में योजना को मंजूरी; सदस्यों की संख्या के आधार पर मिलेगी आर्थिक सहायता
वसई, पालघर | संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
वसई-विरार शहर के वरिष्ठ नागरिक संघों के लिए राहत भरी खबर है। वसई-विरार महानगरपालिका ने वरिष्ठ नागरिक संघों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘वरिष्ठ नागरिक संघ अनुदान योजना’ शुरू की है। बुधवार को आयोजित विशेष महासभा में इस योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत पात्र वरिष्ठ नागरिक संघों को प्रतिवर्ष 25 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य का संरक्षण करना, उनके सामाजिक एकाकीपन को कम करना तथा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्था का सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट या पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। संस्था कम से कम तीन वर्षों से कार्यरत होनी चाहिए और उसमें न्यूनतम 25 सदस्य होने जरूरी हैं। इसके अलावा संस्था का कार्यालय वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में होना अनिवार्य है।
आवेदन के साथ संस्था को पिछले तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट तथा बीते वर्ष आयोजित सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की रिपोर्ट एवं तस्वीरें जमा करनी होंगी।
अनुदान राशि का कहां होगा उपयोग?
महानगरपालिका के अनुसार, अनुदान राशि का उपयोग वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, योग एवं व्यायाम सामग्री खरीदने, पुस्तकालय सामग्री उपलब्ध कराने, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और वरिष्ठ नागरिक सम्मेलनों के आयोजन में किया जा सकेगा।
सदस्यों की संख्या के आधार पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत सदस्यों की संख्या के अनुसार अनुदान राशि निर्धारित की गई है।
- 25 से 50 सदस्य: 25 हजार रुपये
- 51 से 100 सदस्य: 50 हजार रुपये
- 101 से 150 सदस्य: 75 हजार रुपये
- 151 से 200 सदस्य: 1 लाख रुपये
- 200 से अधिक सदस्य: 2 लाख रुपये
वसई-विरार महानगरपालिका ने पात्र वरिष्ठ नागरिक संघों से योजना के तहत आवेदन करने की अपील की है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
इस योजना से शहर के वरिष्ठ नागरिक संघों को अपनी सामाजिक, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।
संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक – तृप्ति प्रमाण


