क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की छापेमारी; 17 मजदूर कर रहे थे काम, तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
विरार, वसई | संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
विरार पूर्व के चंदनसार इलाके में घनी आबादी के बीच अवैध रूप से संचालित पटाखा कारखाने का क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने पर्दाफाश किया है। गुरुवार शाम करीब पौने सात बजे की गई छापेमारी में पुलिस ने 12 लाख 98 हजार 50 रुपये कीमत का विस्फोटक कच्चा माल और अन्य सामग्री जब्त की। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ विरार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, चंदनसार रोड पर जी.एम. बेवरेज कंपनी के पास स्थित ‘मर्चेंट एंटरप्राइजेज’ नामक पटाखा दुकान के ऊपर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। तैयार पटाखों की बिक्री नीचे स्थित दुकान से की जाती थी। गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने यहां छापेमारी की।
जांच के दौरान पुलिस को इमारत की दोनों मंजिलों पर पटाखों का निर्माण किए जाने और वहां 17 मजदूरों के काम करने की जानकारी मिली। पुलिस को यह भी संदेह है कि यहां नामी कंपनियों के ब्रांड का इस्तेमाल कर नकली पटाखे बनाए जा रहे थे।
इस मामले में सुलतान मासुमअली मर्चेंट (65), सागर सुरेश पाष्टे (39) और देवेंद्र अजय नाईक (39) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितीन पाटील ने बताया कि कारखाना अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
घनी आबादी वाले इलाके में विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल कर पटाखे बनाने से बड़े हादसे की आशंका थी। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
संवाददाता: तृप्ति प्रमाण
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