पालघर | 7 अगस्त 2025
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित सोमटा गांव के पास बुधवार सुबह एक बड़ी घटना के दौरान झाड़ियों में एक विशाल अजगर देखे जाने से गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना तब हुई जब एक महिला घास काटने के लिए राजमार्ग के किनारे गई हुई थी।
स्थानीय निवासी नीता हाडल ने सुबह करीब 8 बजे झाड़ियों के बीच छिपे एक विशाल अजगर को देखा। अचानक सामने आए इस विशालकाय सांप को देखकर वह घबरा गईं और तुरंत गांव लौटकर परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही ग्रामीण कैलास डवला ने स्थानीय सर्पमित्र उमेश जाधव को फोन किया। उमेश जाधव तुरंत अपने सहयोगियों निनाद अतकारी और अमित जाधव के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तीनों ने सावधानीपूर्वक और निपुणता से अजगर को पकड़कर उसे सुरक्षित रूप से पास के घने जंगल में छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अजगर लगभग 6 से 7 फीट लंबा था और बिना जहर वाली प्रजाति का था। हालांकि यह खतरनाक नहीं था, लेकिन अपने आकार के कारण ग्रामीणों में डर की लहर दौड़ गई।
सर्पमित्रों की तत्परता से टली बड़ी दुर्घटना
इस घटना में सर्पमित्रों की त्वरित प्रतिक्रिया और विशेषज्ञता की खूब सराहना हो रही है। यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता, तो अजगर या तो किसी ग्रामीण को डरा सकता था या फिर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर घायल हो सकता था।
इस ऑपरेशन से न केवल एक वन्यजीव की जान बची, बल्कि आसपास के लोगों को भी राहत मिली।
वन्यजीव संरक्षण की जरूरत पर जोर
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व बनाए रखना संभव है। ग्रामीणों की सतर्कता और सर्पमित्रों जैसे स्वयंसेवकों के प्रयासों ने मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का उदाहरण पेश किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के दौरान घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचित करना चाहिए, ताकि न तो जानवर को खतरा हो और न ही इंसान।