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“वाढवण बंदर परियोजना: मछुआरों के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण पर जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में बैठक”|

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समाचार लेख (तृप्ति प्रमाण – राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक)
देश/राज्य: महाराष्ट्र
जिला: पालघर
तारीख: 23 दिसंबर, 2025

पालघर:
प्रस्तावित वाढवण बंदर परियोजना से प्रभावित मछुआरों के सामाजिक, आर्थिक और आजीविका संबंधी पहलुओं के सघन एवं तथ्याधारित सर्वेक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर में जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि मछुआरों की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण न केवल उनके अधिकारों की पहचान सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बैठक में स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, उपजिलाधिकारी तेजस चव्हाण, महेश सागर, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) के सलाहकार राजीव सिन्हा, तथा ठाणे–पालघर क्षेत्र के सहायक आयुक्त (मत्स्य व्यवसाय) सहित अनेक संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. जाखड़ ने बल देकर कहा कि वाढवण बंदर परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले मछुआरों के जीवन, रोजगार और सामाजिक संरचना का वैज्ञानिक ढंग से आकलन किया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को न्यायोचित लाभ से वंचित न किया जा सके।

बैठक के दौरान सर्वेक्षण की पद्धति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर विस्तृत चर्चा हुई। JNPA के प्रतिनिधियों ने प्रारंभिक सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं उसकी रूपरेखा पर प्रकाश डाला। वहीं, मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधियों ने मांग की कि प्रभावित 16 गांवों के अलावा, प्रस्तावित परियोजना क्षेत्र के अन्य सभी मछुआरों का भी समावेशी सर्वेक्षण किया जाए।

अंत में, मछुआरा प्रतिनिधियों ने JNPA द्वारा आयोजित सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

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Rajesh