पटना। बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह के तहत मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के नोडल समन्वय में पांच विश्वविद्यालयों द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पटना विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं मगध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विविध कला प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण:
- एकल शास्त्रीय गायन में पटना, मगध एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी।
- सुगम संगीत (एकल) श्रेणी में पटना विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय एवं मगध विश्वविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया।
- समूह गीत एवं काव्य प्रस्तुति में पाँचों विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने सहभागीता दर्ज कराई।
- लोकगीत (एकल) एवं वाद्य वंदना श्रेणियों में तबला, स्वर वाद्य एवं अन्य पारंपरिक वाद्यों की प्रस्तुतियाँ दी गईं।
अतिथि एवं आयोजन समिति: कार्यक्रम में मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम, छात्र कल्याण परिषद के अध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी एवं वित्त पदाधिकारी श्री इंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे। आयोजन में डॉ. राकेश कुमार रंजन, डॉ. जन्मेजय सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. राकेश कुमार, अविनाश कुमार, डॉ. आभा सिंह, डॉ. कविता, डॉ. श्वेता गोयल, डॉ. अनन्या स्वराज एवं डॉ. वंदना ने सहयोग प्रदान किया। मंच संचालन डॉ. एकता वर्मा एवं डॉ. ममता मेहरा द्वारा किया गया।
कुलपति का संबोधन: मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अपने संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक आयोजन छात्रों की कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हैं एवं क्षेत्रीय कला-संस्कृति के संरक्षण में सहायक होते हैं। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम ने प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति को कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
तृप्ति प्रमाण से मैं ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद