वसई-विरार: विरोधी पक्ष के नेता मनोज पाटिल ने नगर निगम की महासभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण फिर से शुरू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कोरोना अवधि को छोड़कर पिछले पांच वर्षों में शहर में किए गए विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि नागरिकों को सही जानकारी मिल सके। उल्लेखनीय है कि 20 मार्च को हुई महासभा काफी सुर्खियों में रही थी। इस दौरान एक मामूली मुद्दे को लेकर बीजेपी और बीवीए के नगरसेवकों के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिला था, जिसका सीधा प्रसारण जनता ने देखा। हालांकि बाद में उस वीडियो को हटा दिया गया और इसके बाद होने वाली बैठकों के लाइव प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई। इसी संदर्भ में मनोज पाटिल ने सवाल उठाया कि जब संसद और विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जा सकता है, तो नगर निगम की बैठकों को जनता से क्यों छिपाया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सत्ताधारी पक्ष पारदर्शिता से बचने की कोशिश कर रहा है? फिलहाल, इन सवालों पर सत्ताधारी दल और प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे यह मुद्दा और भी चर्चा का विषय बन गया है।
संवाददाता: साहिल यादव