संवाददाता, आगरा:
नेचुरोपैथी विशेषज्ञ मीना अग्रवाल ने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत ऑलिव ऑयल के संभावित स्वास्थ्य लाभों पर जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, कुछ शोधों में यह पाया गया है कि एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का नियमित और सीमित मात्रा में सेवन ब्लड प्रेशर प्रबंधन में सहायक भूमिका निभा सकता है।
शोध क्या कहते हैं?
‘द प्रेडिमेड स्टडी’ (PREDIMED Study) के अनुसार, मेडिटेरेनियन आहार योजना, जिसमें एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल प्रमुख घटक है, का पालन करने वाले व्यक्तियों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में सुधार देखा गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (UC Davis) के शोध में संकेत मिले हैं कि रोजाना दो बड़े चम्मच एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन करने वाले प्रतिभागियों में तीन सप्ताह के भीतर ब्लड प्रेशर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
जर्नल ऑफ हाइपरटेंशन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑलिव ऑयल के नियमित सेवन से कुछ रोगियों को अपनी ब्लड प्रेशर दवाओं की खुराक समायोजित करने में सहायता मिली।
कार्यप्रणाली पर विशेषज्ञ का मत:
मीना अग्रवाल बताती हैं कि ऑलिव ऑयल में मौजूद ओलेइक एसिड और पॉलीफेनॉल्स रक्त वाहिकाओं की लचीलापन बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं। ये यौगिक शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को प्रोत्साहित करते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को विश्राम देने और रक्त प्रवाह को सुगम बनाने में मददगार माने जाते हैं।
सुरक्षित सेवन के लिए दिशा-निर्देश:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 1 से 2 टेबलस्पून (लगभग 15-30 मिलीलीटर) एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन पर्याप्त माना जाता है।
ऑलिव ऑयल को सैचुरेटेड और ट्रांस फैट युक्त तेलों के विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है।
ध्यान रहे: ऑलिव ऑयल कोई दवा नहीं है। उच्च रक्तचाप के रोगी अपने चिकित्सक की सलाह के बिना दवाओं में कोई बदलाव न करें।
किन बातों का रखें ध्यान?
बाजार में उपलब्ध विभिन्न ग्रेड के ऑलिव ऑयल में पोषक तत्वों की मात्रा भिन्न हो सकती है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में पॉलीफेनॉल्स की मात्रा सामान्य ऑलिव ऑयल की तुलना में अधिक होती है।
किसी भी तेल का अत्यधिक सेवन कैलोरी बढ़ा सकता है, इसलिए मात्रा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति, आहार और शारीरिक गतिविधि के आधार पर प्रभाव भिन्न हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मत है कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और उचित तेल के चयन से हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप प्रबंधन में सहायता मिल सकती है। ऑलिव ऑयल एक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे समग्र स्वास्थ्य योजना का हिस्सा मानकर ही अपनाया जाना चाहिए।
— मीना अग्रवाल, नेचुरोपैथी विशेषज्ञ, आगरा