आगरा की नेचुरोपैथी विशेषज्ञ मीना अग्रवाल ने हीट स्ट्रोक यानी लू से बचाव को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उनके अनुसार, लू से पीड़ित होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है।
लू किन लोगों को ज्यादा लगती है?
मीना अग्रवाल बताती हैं कि कड़ी धूप में काम करने वाले मजदूर, खिलाड़ी, बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को लू लगने का खतरा अधिक रहता है। जब शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम असफल हो जाता है, तो शरीर में अत्यधिक गर्मी भर जाती है।
बचाव के मुख्य उपाय:
विशेषज्ञ के सुझाव अनुसार, तेज धूप में बाहर निकलते समय पूरी आस्तीन के ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिंथेटिक या गहरे रंग के कपड़ों से बचें। खाली पेट बाहर न जाएं। सिर को छाते या गीले कपड़े से ढककर रखें। घर से निकलते समय आम पना, शिकंजी या खस का शरबत पीएं और साथ में पानी की बोतल अवश्य रखें। अधिक पसीना आने पर तुरंत ठंडा पानी पीने से बचें।
लू लगने के लक्षण:
लू लगने पर शरीर में अचानक तेज गर्मी, थकावट, मांसपेशियों में खिंचाव, तेज प्यास, चक्कर आना, उलटी, सिरदर्द और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में शरीर का तापमान 105 से 106 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है।
प्राथमिक उपचार:
यदि किसी को लू लग जाए, तो सबसे पहले उसे छायादार और ठंडी जगह पर बिठाएं। कपड़े ढीले करें, शरीर पर ठंडा कपड़ा रखें और धीरे-धीरे पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाएं। हाथ-पैरों की हल्की मालिश करें। यदि तुरंत आराम न मिले, तो चिकित्सकीय सहायता अवश्य लें।
प्रभावी घरेलू नुस्खे:
मीना अग्रवाल ने कुछ सरल घरेलू उपाय भी बताए हैं:
सौंफ का रस, पुदीने की बूंद और ग्लूकोज पाउडर का मिश्रण एक-एक घंटे के अंतराल पर दें।
नारियल की गिरी और काले जीरे का पेस्ट शरीर पर लगाएं।
नीम के चूर्ण में मिश्री मिलाकर पानी के साथ सेवन करें।
प्याज का रस छाती पर लगाने या कच्चा प्याज चूसने से भी राहत मिलती है।
कच्चे आम का पना या इमली का पानी शरीर को ठंडक पहुंचाता है।
गर्मियों में त्वचा की देखभाल:
गर्मियों में पसीने के कारण रैशेज और घमौरियां जैसी समस्याएं आम हैं। बचाव के लिए हल्के, हवादार कपड़े पहनें, साफ-सफाई का ध्यान रखें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी और उचित देखभाल से लू जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।
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