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बिहार के 5904 सरकारी स्कूलों में बनेंगी आधुनिक आईसीटी लैब, डिजिटल शिक्षा को मिलेगी नई रफ्तार |

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तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद
पटना। बिहार में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य के 5904 विद्यालयों में आईसीटी अर्थात इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी लैब स्थापित की जाएंगी।
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इस पहल के लागू होने के बाद प्रदेश में कुल 7891 ऐसे स्कूल हो जाएंगे, जहां छात्र-छात्राएं कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से अध्ययन कर सकेंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में 1987 सरकारी स्कूलों में पहले से ही आईसीटी लैब संचालित हैं।
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योजना का विस्तार और वित्तीय प्रावधान
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस परियोजना को मंजूरी प्रदान की है, जिसके तहत राज्य को 377.85 करोड़ रुपये का वित्तीय सहायता प्राप्त होगा।
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चयनित प्रत्येक विद्यालय में आईसीटी लैब स्थापित करने पर औसतन 6.40 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है।
इस योजना के तहत 5277 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त 627 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भी आईसीटी लैब की स्थापना की जा रही है, ताकि आवासीय छात्राओं को भी तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जा सके।
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ग्रामीण छात्रों को मिलेगा मुख्य लाभ
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों पर पड़ेगा, जहां अब तक आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सीमित रही है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इन क्षेत्रों के छात्र भी शहरी समकक्षों की तरह तकनीक आधारित शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
आईसीटी लैब के माध्यम से छात्रों को कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट अनुप्रयोग और डिजिटल साक्षरता का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक समझ में सुधार होगा, बल्कि भविष्य की रोजगारपरक आवश्यकताओं के लिए भी वे बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।
कार्यान्वयन की समयसीमा
शिक्षा विभाग ने इस परियोजना की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। प्राथमिक सूत्रों के अनुसार, मई 2026 से लैब स्थापना का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की संभावना है। लैब में आधुनिक कंप्यूटर सिस्टम, प्रोजेक्टर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और शैक्षणिक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए जाएंगे।
भविष्य की योजनाएं
विभाग का लक्ष्य दीर्घकालिक रूप से राज्य के 31,297 मध्य विद्यालयों तक आईसीटी सुविधा का विस्तार करना है, ताकि कक्षा छह से आठ तक के छात्रों को भी प्रारंभिक स्तर पर ही तकनीकी शिक्षा प्रदान की जा सके। वर्तमान में 1203 प्राथमिक विद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध है।
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शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल हार्डवेयर उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण देना और पाठ्यक्रम को तकनीक के साथ एकीकृत करना भी है।
जांच जारी है
विद्यालयों के चयन और लैब स्थापना की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी। विभाग के अनुसार, लाभार्थी स्कूलों की सूची और कार्य प्रगति की जानकारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

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Rajesh