तृप्ति प्रमाण ब्यूरो चीफ विनोद प्रसाद
पटना। नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार से बड़ी आर्थिक सहायता मांगी है। मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को आधार बनाते हुए शिक्षा, कौशल विकास, जल आपूर्ति, पर्यटन, उद्योग और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों के लिए कुल 20,250 करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज और कई बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव रखा।
जल जीवन मिशन के लिए सबसे बड़ी मांग
मुख्यमंत्री ने राज्य में पेयजल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जल जीवन मिशन और ‘हर घर नल का जल’ योजना के लिए केंद्र से 18 हजार करोड़ रुपये की विशेष सहायता का अनुरोध किया। इस राशि में पहले से खर्च किए गए केंद्रीय हिस्से के 13 हजार करोड़ रुपये और वर्तमान योजनाओं के विस्तार के लिए 5 हजार करोड़ रुपये शामिल हैं।
युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर
बिहार को युवाओं का राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए उन्होंने इंटिग्रेटेड स्कीम इन स्कीलींग आर्किटेक्चर पायलट परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये और भागलपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।
शिक्षा, खेल और कृषि क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब केवल विकास यात्रा का हिस्सा नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए सहयोग मांगा गया। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मखाना बोर्ड कार्यालय, उपोष्णकटिबंधीय बागवानी अनुसंधान संस्थान और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना की मांग की गई।
पर्यटन, उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियां
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना साझा की। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने और 10 प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य के 91 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो चुकी है और 9 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां 48 लाख से अधिक लखपति दीदियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्रोजेक्ट और कजरा में विकसित हो रहा देश का सबसे बड़ा बैटरी आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं कि राज्य की इन मांगों पर कितना सहयोग मिलता है।