आगरा। भीषण गर्मी (Excessive Heat) के चलते लोगों के शरीर में पानी की कमी, लू लगना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। ऐसे में तरबूज, आम और खरबूजा जैसे मौसमी फलों का सेवन आम लोगों के लिए राहत का काम करता है। हालांकि, नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल चेतावनी देती हैं कि किडनी की बीमारी (Kidney Disease) से पीड़ित मरीजों के लिए सभी मौसमी फल सुरक्षित नहीं होते।
रिपोर्ट के मुताबिक, किडनी रोगियों को अपने खान-पान को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, गर्मियों में उपलब्ध कुछ फलों में पोटैशियम और पानी की अधिक मात्रा किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।
किडनी रोगियों को किन 5 फलों से बचना चाहिए?
विशेषज्ञों ने किडनी रोगियों के लिए इन पांच फलों के सेवन पर प्रतिबंध या सावधानी बरतने की सलाह दी है:
तरबूज (Watermelon): इसमें करीब 92% पानी होता है। स्टेज 4 या 5 के किडनी रोगियों में पेशाब बनाने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में तरबूज का सेवन शरीर में पानी जमा होने (Fluid Retention) का कारण बन सकता है, जिससे हाथ-पैरों में सूजन और फेफड़ों में पानी भरने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
आम (Mango): आम में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है। किडनी रोगी शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाते। इससे रक्त में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है, जो हृदय की धड़कन (Heartbeat) को प्रभावित करता है और गंभीर स्थिति में कार्डियक अरेस्ट का खतरा पैदा कर सकता है।
खरबूजा (Muskmelon): तरबूज की तरह खरबूजे में भी पोटैशियम की अधिकता पाई जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन की समस्या वाले मरीज यदि इसका अत्यधिक सेवन करते हैं, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जो किडनी की फिल्टरिंग यूनिट्स (नेफ्रॉन्स) को प्रभावित कर सकता है।
केला (Banana): गर्मी में केले का सेवन या इसके शेक पीना आम बात है, लेकिन बढ़े हुए क्रिएटिनिन लेवल वाले मरीजों के लिए यह हानिकारक हो सकता है। क्रोनिक किडनी बीमारी में पोटैशियम को फिल्टर करना कठिन हो जाता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी की शिकायत हो सकती है।
लीची (Lychee): लीची में मौजूद प्राकृतिक टॉक्सिन्स (जैसे MCPG) शरीर के ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं। किडनी रोगियों में यह फल फ्लुइड और इंसुलिन के संतुलन को बिगाड़ सकता है।
किडनी रोगियों के लिए विशेषज्ञ सुझाव
डॉ. मीना अग्रवाल ने किडनी रोगियों के लिए कुछ सुरक्षित विकल्प और सावधानियां सुझाई हैं:
सुरक्षित फल: रोगी अमरूद, सेब, पपीता और नाशपाती का सेवन कर सकते हैं।
मात्रा पर नियंत्रण: डॉक्टर की सलाह के अनुसार फलों का पॉर्शन कंट्रोल करें। स्वाद के लिए हफ्ते में केवल एक बार आम या तरबूज का बहुत छोटा टुकड़ा लिया जा सकता है।
नियमित जांच: किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों को अपना नियमित चेकअप जारी रखना चाहिए।
निष्कर्ष
गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है, लेकिन किडनी रोगियों को अपनी डाइट को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मौसमी फलों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें, ताकि किडनी से जुड़ी जटिलताओं से बचा जा सके।
मीना अग्रवाल (नेचुरोपैथी विशेषज्ञ), आगरा