---Advertisement---

सड़कें यातायात के लिए, इबादत स्थान के लिए”: योगी सरकार का स्पष्ट स्टैंड, बरेली जैसी स्थिति न दोहराने की चेतावनी |

---Advertisement---

लखनऊ ब्यूरो | तृप्ति प्रमाण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रदेश सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में किसी भी हालत में सड़कों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लखनऊ में एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम जनता के आवागमन, आपातकालीन सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों के लिए होती हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए निर्धारित स्थलों का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
🗣️ मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “यदि लोग संवाद के माध्यम से नियमों का पालन करते हैं तो यह स्वागत योग्य है। किंतु यदि कोई कानून को चुनौती देने का प्रयास करता है, तो प्रशासन के पास आवश्यक कार्रवाई के पूर्ण अधिकार हैं। बरेली में कुछ तत्वों ने जो स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया था, उसका उत्तर प्रशासन ने उचित रूप से दिया है।”


👥 जनसंख्या और प्रबंधन पर मुख्यमंत्री की राय
कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री से सड़कों पर नमाज को लेकर प्रश्न किया गया, तो उन्होंने उत्तर देते हुए कहा:
“सड़कें चलने-फिरने के लिए होती हैं, न कि किसी के आवागमन में बाधा डालने के लिए। प्रत्येक नागरिक का अपना धार्मिक स्थल होता है, वहाँ जाकर वह अपनी इबादत कर सकता है। यदि किसी स्थान पर नामाज पढ़ने वालों की संख्या अधिक है, तो वे शिफ्ट व्यवस्था अपना सकते हैं। यदि आवासीय स्थान की कमी है, तो जनसंख्या नियंत्रण पर विचार करना आवश्यक है।”
⚖️ कानून का राज सबके लिए समान
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। एक बीमार व्यक्ति, मजदूर, कर्मचारी या व्यापारी की सुविधा को किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास संवाद स्थापित करना है, किंतु अराजकता की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि मस्जिदों या ईदगाहों में स्थान की कमी है, तो शिफ्ट व्यवस्था अपनाई जाए, किंतु सार्वजनिक मार्गों पर धार्मिक आयोजन अनुचित है।”
🏙️ बरेली प्रसंग और भविष्य की रणनीति
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बरेली में हुई недавिक घटना का संदर्भ देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून के शासन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब अपराध और दंगों की पहचान से निकलकर औद्योगिक विकास, निवेश और महिला सुरक्षा के एक विश्वसनीय केंद्र के रूप में उभरा है।
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व में ही सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर प्रतिबंध संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh