मुरादाबाद। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के एक मामले में विभागीय अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक मीटर रीडर को अनुशासनात्मक दंड दिया है। जानकारी के अनुसार, एसडीओ ने आरोपी कर्मचारी को अपने दफ्तर के बाहर करीब 30 मिनट तक मुर्गा बनाए रखा।
📌 मामले की पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले मीटर रीडर रानू उर्फ रानू ने ग्रामीणों से बकाया बिजली बिल के नाम पर 25 हजार रुपए की वसूली की थी। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि राशि जमा करने के बाद उन्हें फर्जी रसीदें दी गईं।
जब यह मामला सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) के संज्ञान में आया, तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की।
📌 प्रमुख बिंदु
मीटर रीडर पर ग्रामीणों से अवैध वसूली का आरोप
उपभोक्ताओं को फर्जी रसीदें देने की शिकायत
एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभागीय दंड दिया
मामले की आगे की जांच जारी है
📌 विभागीय प्रतिक्रिया
इस संबंध में जब बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि यदि भ्रष्टाचार की कोई पुष्टि होती है, तो आरोपी कर्मचारी के खिलाफ उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले में आगे की जांच की जाएगी। वर्तमान में यह मामला विभागीय स्तर पर ही देखा जा रहा है।
📌 उपभोक्ताओं के लिए सलाह
बिजली विभाग के उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि:
बिल जमा करते समय हमेशा आधिकारिक काउंटर से ही रसीद प्राप्त करें।
रसीद पर विभाग का मुहर, हस्ताक्षर और तिथि अवश्य जांच लें।
किसी भी प्रकार की अवैध मांग या संदिग्ध व्यवहार की सूचना तुरंत विभागीय हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
डिजिटल भुगतान करने पर लेन-देन का स्क्रीनशॉट या रसीद सुरक्षित रखें।
📌 आगे की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, एसडीओ द्वारा की गई यह कार्रवाई विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता का संकेत मानी जा रही है। हालांकि, आरोपी कर्मचारी की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले की आगे की जांच विभागीय स्तर पर जारी है। यदि उपभोक्ताओं की ओर से अतिरिक्त सबूत या शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो कार्रवाई में तेजी आने की संभावना है।