तृप्ति प्रमाण न्यूज़, बरेली। मंगलवार को बरेली महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से ईदगाह गेट, वॉकर गंज में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रेट निकोबार द्वीप की वन भूमि को कॉरपोरेट कंपनियों को देने के प्रस्ताव का विरोध करना था। यह अभियान विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चलाई जा रही मुहिम का ही हिस्सा है।
पर्यावरण और जैव विविधता पर पड़ सकता है गंभीर असर
कांग्रेस के अनुसार, केंद्र सरकार ग्रेट निकोबार द्वीप के करीब 161 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले घने और अछूते वन क्षेत्र को कॉरपोरेट हितों के लिए उपयोग में लाने की प्रक्रिया में है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पर्यावरण और जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ेगा।
महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि बड़े कॉरपोरेट प्रोजेक्ट्स से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि किसी भी विकास परियोजना से पहले उसका वैज्ञानिक और पारदर्शी पर्यावरणीय आकलन किया जाए, साथ ही स्थानीय समुदायों की सहमति भी सुनिश्चित की जाए।
हस्ताक्षर केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे
डॉक्टर सरताज हुसैन ने बताया कि यह अभियान जनता को जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक लोकतांत्रिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत एकत्र किए गए हस्ताक्षर संबंधित उच्च अधिकारियों और केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान रमेश चंद श्रीवास्तव, डॉक्टर सरताज हुसैन, सुरेश दिवाकर, इंजीनियर जीशान अफरीदी, डॉक्टर हरीश गंगवार, डॉक्टर मुदित प्रताप सिंह, कमरुद्दीन सैफी, उल्फत सिंह कठेरिया समेत कई अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।