मुंबई: कॉर्पोरेट जगत की सामाजिक जिम्मेदारियों (CSR) का एक बेहतरीन और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की एक मानवीय पहल से 94 कैंसर संदिग्ध बच्चों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे समाजहित में उद्योग जगत के अमूल्य योगदान से जोड़कर देखा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अफकॉन्स का अहम योगदान
कंपनी ने वर्ष 2025-26 के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में कई CSR परियोजनाएं शुरू की हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर, अफकॉन्स ने टाटा मेमोरियल अस्पताल को 50 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया है। यह राशि विशेष रूप से कैंसर से जूझ रहे बाल रोगियों की आपातकालीन जांच और निदान सेवाओं के लिए निर्धारित की गई है।
94 बच्चों को मिला समय पर इलाज और जांच
इस आर्थिक सहायता के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 94 बच्चों की समय पर जांच हो सकी और उन्हें जरूरी मेडिकल टेस्ट मुहैया कराए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संदर्भ में बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में शुरुआती और सही निदान बहुत जरूरी होता है। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवार बच्चों की जरूरी जांच नहीं करा पाते। अफकॉन्स की इस मदद से न सिर्फ बच्चों का इलाज तेज हुआ, बल्कि उनके परिवारों के कंधों से आर्थिक बोझ भी हल्का हुआ।
सरकारी प्रयासों में उद्योग जगत का साथ
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब सरकार की योजनाओं को निजी क्षेत्र और उद्योगपतियों का ऐसा सहयोग मिलता है, तो स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक प्रगति के लक्ष्य तेजी से पूरे होते हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया।
CSR के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव
अंत में, मुख्यमंत्री ने अफकॉन्स द्वारा शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में किए जा रहे निवेश को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ही निरंतर प्रयास समाज में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।