मलबे में तब्दील हुई इमारत का एक हिस्सा
महाराष्ट्र के ठाणे जिले से बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। भिवंडी तहसील के नारपोली क्षेत्र स्थित बालाजी नगर, गंगाराम वाड़ी इलाके में गुरुवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ मौजूद ‘कोहिनूर’ नामक चार मंजिला इमारत का ‘बी-विंग’ अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण हादसे के बाद इलाके में अफ़रा-तफ़री मच गई। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 7 से 8 लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।
खतरे की घंटी बजाती आवाजें और भागा-भागी
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात के लगभग 8 से 9 बजे के बीच इमारत के ढाँचे से अजीब और डरावनी आवाजें आने लगी थीं। खतरे को भाँपते हुए समझदार स्थानीय निवासियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। हालाँकि, जब कुछ मजदूर और निवासी सामान लेकर बाहर निकल ही रहे थे, ठीक उसी वक्त—रात लगभग 11 से 11:30 बजे के आसपास—इमारत का एक बड़ा हिस्सा ज़मींदोज़ हो गया।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने इस बिल्डिंग को पहले ही ‘अत्यंत खतरनाक’ घोषित कर रखा था। हादसे के समय इस जर्जर इमारत में जीर्णोद्धार यानी मरम्मत का काम चल रहा था। मलबे के नीचे श्यामजी पाल (उम्र 46 वर्ष), संतोष पांडे उर्फ मुन्ना (उम्र 42 वर्ष), और मिराज शेख (उम्र 35 वर्ष) समेत कुछ अन्य मजदूरों के फंसे होने की गंभीर आशंका व्यक्त की जा रही है।
राहत और बचाव कार्य में जुटीं टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुँच गईं। स्थानीय नागरिकों के सहयोग से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स (श्वान दल), भारी-भरकम जेसीबी मशीनों और दो आपातकालीन एम्बुलेंस को मौके पर तैनात किया गया है। रेस्क्यू टीम का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।