पुणे: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने मुख्यमंत्री बलीराजा खेत-पाणंद सड़क योजना को किसानों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया है। विधानभवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक खेत सड़कों के निर्माण के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
योजना में स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी
उपमुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि विधानसभा क्षेत्र स्तरीय समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी से योजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा और किसानों तक योजना का पूरा लाभ पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सड़कें बनने से किसानों की आवाजाही आसान होगी और उनकी कई समस्याओं का समाधान होगा।
505 सड़कों का सर्वेक्षण पूरा, जल्द शुरू होगा निर्माण
बैठक में पुणे जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने योजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी के अनुसार, जिले में 505 खेत सड़कों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और अगले एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि टिकाऊ सड़कें बनने से कृषि उत्पादों की ढुलाई में आसानी होगी।
मासिक समीक्षा और सभी विधायकों की बैठक
सुनेत्रा पवार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना की प्रगति की समीक्षा हर महीने की जाएगी। इसके अलावा, अगली समीक्षा बैठक में पुणे जिले के सभी विधायकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले, विधायक शंकर मांडेकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।