मिरारोड। शहर के मिरारोड पूर्व इलाके में चाकू दिखाकर लूट की गई एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। यह लूट असल में कोई आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कंपनी के पैसे हड़पने के लिए रचा गया एक बेहद चतुराई भरा फर्जी ड्रामा था। नयानगर पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटे गए बताए गए पूरे 2.49 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
क्या था पूरा मामला? (फर्जी शिकायत)
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धार्थ नगर की रहने वाली 26 वर्षीय उजमा रियाज खान ने 18 मार्च 2026 को नयानगर थाने में एक चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई थी। उजमा, जो मिरारोड पूर्व के शांति शॉपिंग सेंटर में एक प्राइवेट कंपनी के ऑफिस में काम करती है, ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे दो अज्ञात बदमाश ऑफिस में घुसे। उन्होंने शटर बंद किया और चाकू की नोक पर उससे धमकाकर दराज में रखे 2.49 लाख रुपये छीन लिए और फरार हो गए।
पुलिस की तकनीकी जांच और चौंकाने वाला सच
लूट की इस घटना के बाद पुलिस टीम ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के विश्लेषण के दौरान पुलिस को शक हुआ। जांच के सिलसिले में पुलिस ने 20 वर्षीय मुजम्मिल अब्दुल हफीज सिद्दीकी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की।
पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। मुजम्मिल ने कबूल किया कि चाकूबाजी और लूट की यह पूरी कहानी एक झूठा नाटक था। असल में उजमा खान, उसका दोस्त मोहम्मद आदेश मोईद्दीन शेख और मुजम्मिल सिद्दीकी ने मिलकर कंपनी के 2.49 लाख रुपये हड़पने के लिए इस फर्जी लूट की साजिश रची थी। तीनों ने मिलकर पुलिस को गुमराह करने के लिए यह ड्रामा रचा था।
पूरा पैसा बरामद, कंपनी प्रबंधन को सौंपा गया
पुलिस ने तीनों षड्यंत्रकारियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने लूट की बताई गई पूरी नकद राशि (2.49 लाख रुपये) बरामद कर ली है। यह बरामद रकम कंपनी के मैनेजर सोहेल अनवर कुरैशी को सुपुर्द कर दी गई है।
यह सफल कार्रवाई पुलिस उपायुक्त राहुल चव्हाण, सहायक पुलिस आयुक्त सोहेल शेख और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमर जगदाले के निर्देशन में नयानगर पुलिस की विशेष टीम ने अंजाम दी है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।