ठाणे (वसई): ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में जहां एक तरफ मतदाताओं ने रिकॉर्ड 96 प्रतिशत मतदान कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, वहीं दूसरी तरफ मतदान संपन्न होते ही राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर अब बविआ (बहुजन विकास आघाड़ी) ने सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।
रिकॉर्ड मतदान के बीच क्या हुआ बवाल?
वसई क्षेत्र में हुए इस प्रतिष्ठित चुनाव में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था। लगभग 96 प्रतिशत वोटिंग हुई। लेकिन, इसी बीच मतदान केंद्रों के बाहर बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच बहस और हल्की झड़प की खबरें सामने आईं। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से मामला बिगड़ने से पहले ही काबू कर लिया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
बविआ का सवाल- ‘क्या यह लोकतंत्र है या ठोकशाही?’
मतदान के बाद असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब बविआ ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर ही सवालिया निशान लगा दिए। पार्टी के प्रवक्ताओं और नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव में नियमों की अनदेखी की गई है। बविआ ने सख्त लहजे में पूछा है कि “आखिर यह लोकतंत्र है या फिर ठोकशाही?” पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी, राजनीति गरमाई
बविआ के इन गंभीर आरोपों के बावजूद, चुनाव अधिकारियों या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। परिणाम घोषित होने से पहले ही इस विवाद ने ठाणे जिले की राजनीति में नई आग लगा दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
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